सीएम व कैबिनेट मंत्री पहुंचे अपने-अपने विभाग, लंबित फाइलों को निपटाया

रांची। पिछले कुछ दिनों से झारखंड में चल रही राजनीतिक उठापटक के बीच सोमवार से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, उनके कैबिनेट के मंत्रियों ने एक बार फिर से अपने-अपने विभागों में कामकाज को संभाल लिया है. सभी अपने-अपने विभाग पहुंचकर अधिकारियों के साथ लंबित फाइलों का निपटारा कर रहे हैं. प्रोजेक्ट भवन पहुंचने वालों में ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव, कल्याण मंत्री हफिजुल अंसारी, शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो शामिल हैं. वहीं स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने नेपाल हाउस जाकर अपने विभाग में लंबित फाइल निपटाने का काम किया. प्रोजेक्ट भवन पहुंचे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मीडियाकर्मियों से भी बातचीत की. उन्होंने कहा कि सरकार का कामकाज न रूका है न रुकेगा. सरकार जनता के हित में लगातार अपना काम करती रहेगी. वहीं दुमका में युवती अंकिता की मौत मामले पर मुख्यमंत्री ने कहा, कानून पूरे मामले पर निष्पक्षता के साथ अपना काम करेगा. मुख्यमंत्री के साथ प्रोजेक्ट भवन आने वालों में राजमहल सांसद विजय हांसदा भी थे.

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने भी की विभागीय समीक्षा

शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने अपने विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर शिक्षा से जुड़े कई कार्यों की समीक्षा बैठक की. बैठक में शिक्षा सचिव राजेश शर्मा सहित विधायक निरल पूर्ति, दीपक बिरूआ, सुदिव्य कुमार सोनू मौजूद थे. बैठक में फैसला हुआ कि राज्य सरकार सरकारी स्कूलों के बच्चों को दी जा रही पोशाक, जूता,मोजा की राशि में बढ़ोतरी करेगी. अब सरकार स्वयं पोशाक खरीद कर देगी. शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने अधिकारियों को प्रस्ताव बढ़ाने का दिया निर्देश. अब इसके लिए कैबिनेट की मंजूरी ली जाएगी.

यहां बता दें कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की सदस्यता रहने या नहीं रहने को लेकर केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने राजभवन को अपना पत्र भेज दिया है. हालांकि इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो पायी है. जब से यह खबर चर्चा में आयी, तब से सरकार का कामकाज पूरी तरह ठप पड़ गया. मुख्यमंत्री और यूपीए के तमाम विधायक हर दिन मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर अगली रणनीति पर बातचीत कर रहे थे. यहां तक कि सभी ने खूंटी जाकर वहां के लतरातू डैम का भी लुत्फ उठाया. यूपीए विधायकों का आरोप है कि भाजपा राज्य सरकार के जनहित कार्यों को प्रभावित करने के लिए ही रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं करने का दबाव बना रही है.

Share this...
Share on Facebook
Facebook
Tweet about this on Twitter
Twitter

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *