अंकिता मामले में केंद्र हुआ गंभीर, सोमवार को बाल संरक्षण आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष आयेंगे दुमका

दुमका । झारखंड के दुमका में दिल दहला देनेवाले अंकिता हत्याकांड मामले को केंद्र ने गंभीरता से लिया है. बाल संरक्षण आयोग ने मामले की गंभीरता को देखते हुए संज्ञान लिया है. सोमवार को बाल संरक्षण आयोग राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो दुमका स्थित पीड़िता के परिजनों से मिलेंगे, साथ ही डीसी, एसपी, जांच पदाधिकारी, डीसीपीओ, चैयरपर्सन, सीडब्ल्यूसी से भी मामले की जानकारी लेंगे. गौरतलब हो कि 23 अगस्त को 12वीं कक्षा में पढ़नेवाली अंकिता अपने घर में सो रही थी. तड़के सुबह मोहल्ले में रहनेवाला शाहरुख हुसैन उसके घर पहुंचा, उसने खिड़की से अंकिता पर पेट्रोल डाला और माचिस जला कर उसे आग के हवाले कर दिया. आनन-फानन में दुमका जिले के फूलो-झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया. जहां से प्राथमिक इलाज के बाद रांची के रिम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया था. 27 अगस्त को इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया. शाहरुख पिछले तीन साल से उसे परेशान कर रहा था.

सीडब्ल्यूसी की अनुशंसा पर जोड़ी गयी पोक्सो एक्ट की धाराएं

बाल कल्याण समिति दुमका के बेंच ऑफ मजिस्ट्रेट ने टाउन थाना क्षेत्र के जरूआडीह मोहल्ले की  अंकिता की हत्या के मामले में स्वतः संज्ञान लेते हुए मामले में पोक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ने की अनुशंसा एसपी से की थी. मामले को लेकर नगर थाना में भादवि की धारा 28/307/506 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी थी. समिति को पता चला कि मृतका की उम्र घटना के दिन 15 वर्ष 9 माह थी. बाल कल्याण समिति, दुमका के बेंच ऑफ मजिस्ट्रेट ने जेजे एक्ट 2015 की धारा 30(12) के तहत मामले का स्वतः संज्ञान लिया. चेयरपर्सन अमरेन्द्र कुमार, सदस्य रंजन कुमार सिन्हा, डा राज कुमार उपाध्याय, कुमारी विजय लक्ष्मी, नूतन बाला एवं जिला बाल संरक्षण पदाधिकारी प्रकाश चंद्र उसके घर पहुंचे. चेयरपर्सन अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि समिति ने उसके पिता से घटना की जानकारी ली. और बालिका का उम्र प्रमाण पत्र संबंधी दस्तावेज मांगा. समिति को माध्यमिक परीक्षा 2021 का अंकपत्र प्रस्तुत किया गया, जो जेजे एक्ट 2015 की धारा 94(1) के तहत उम्र निर्धारण के लिए एक वैद्य प्रमाण पत्र है. अंकपत्र के अनुसार अंकिता की उम्र 15 वर्ष 9 माह थी. इसके बाद बाल कल्याण समिति, दुमका की बेंच ऑफ मजिस्ट्रेट ने नगर थाना काण्ड सं. 200/22 में भादवि की धारा 354ए व 354डी और पोक्सो एक्ट 2012 की धारा 8/12 जोड़ने की अनुशंसा दुमका एसपी को की थी.

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