कोर्ट और आयोग में चल रहे मामलों से घबरायी सरकार, विशेष सत्र बुला कर आजमा रही अपने बचाव का हथकंडा : अमर बाउरी

रांची। पूर्व मंत्री और विधायक अमर कुमार बाउरी ने 5 सितंबर के विशेष सत्र को लेकर हैरानी जतायी है. आज उन्होंने कहा कि हेमंत सरकार पहले यह बताए कि उनसे किसने विश्वास मत साबित करने की मांग की है. पूर्ण विश्वास मत प्राप्त कर सत्ता में आने वाली इस सरकार को आखिर ऐसी क्या आवश्यकता आन पड़ी कि उसे फिर से अपना विश्वास मत साबित करना पड़ रहा है.  राज्य में अव्यवस्था फैली हुई है. दलितों की जमीन लूटी जा रही है, महिलाएं असुरक्षित हैं. जगह-जगह आपराधिक घटनाएं हो रही हैं. मुख्यमंत्री खुद भ्रष्टाचार में लिप्त पाए गए हैं. मुख्यमंत्री के खिलाफ कोर्ट और आयोग में कई मामले चल रहे हैं. ऐसे में सीएम अपनी सरकार को बचाने के लिए ही ऐसे हथकंडे अपनाने में लगे हैं.बाउरी के मुताबिक यह झारखंड के लिए दुर्भाग्य की बात है कि राज्य के मुखिया अपने विधायकों को अपने राज्य में सुरक्षा ना देकर पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में सुरक्षित करने का कार्य कर रहे हैं. सरकार को आत्ममंथन करने की जरूरत है.

झूठ बोल कर सत्ता में आयी सरकार

सरकार द्वारा हाल के दिनों में लाई गयी नयी योजनाओं के विषय में अमर कुमार बाउरी ने कहा कि सरकार अगर राज्य की भलाई के लिए कोई योजना लाती है तो भारतीय जनता पार्टी उसका स्वागत करती है. लेकिन अभी तक हेमंत सोरेन की सरकार लगातार झूठ बोल रही है. झूठ की बुनियाद पर ही सत्ता हासिल की है. बेरोजगारी भत्ता, अनुबंध पर काम करने वाले लोगों को नियमित करने की घोषणा, राज्य में 1932 खतियान पर आधारित नियोजन नीति और स्थानीय नीति परिभाषित करना जैसे कई ऐसे वादे रहे जिस पर जनता ने भरोसा कर इस सरकार के हाथों में सत्ता सौंपी थी. लेकिन इन सभी मुद्दों पर राज्य सरकार के मुखिया असफल साबित हुए हैं. ऐसे में राज्य सरकार के द्वारा लोक लुभावन योजनाओं को राज्य में लागू करना कितना कारगर साबित होगा, यह तो वक्त बताएगा.

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