विस सत्र में सीएम बोले-विपक्ष मैदान छोड़कर न भागे, रची जा रही है साजिश

रांची। झारखंड विधानसभा में जारी एक दिवसीय सत्र के दौरान सरकार की ओर से  सदने के नेता हेमंत सोरेन ने जबाव दिया. सीएम सोरेन ने कहा कि विपक्ष से निवेदन है कि बहस के दौरान नोक-झोंक होते रहती है. आग्रह यह है कि आज का प्रस्ताव सुनें और मैदान छोड़ कर भागने का प्रयास ना करें. राज्य की सवा तीन करोड़ जनता में आप भी शामिल हैं. जब भी मैं सवा तीन करोड़ जनता की बात करता हूं तो आप भी उसमें शामिल होते हैं.

आज विश्वास मत को लेकर चर्चा हो रही है. लोग कह रहे हैं कि अगर सरकार के पास बहुमत है तो विश्वास मत की क्या जरूरत है. जरूरत इसलिए कि हमारी यूपीए की सरकार 2019 से लेकर आजतक कोरोना का मुंह तोड़ जवाब दिया. झारखंड को जिस तरीके से सरकार ने संभाला है, वो सौभाग्य की बात है. अगर यूपीए की सरकार ना होती तो पता नहीं गरीब, दलित आदिवासियों का क्या होता है. क्योंकि ये बोलते हैं कि हवाई चप्पल वाले को हवाई जहाज पर चढ़ंगे और लाकर सड़क पर छोड़ दिया गया. देश में 75 वीं वर्षगांठ मनाया जा रहा है. स़डकों पर भी झंड़ा लगाने का काम हुआ. बीजेपी ने तो झंडा बेचने का भी काम किया. बीजेपी वालों ने कोई कसर नहीं छोड़ा है. लोकतंत्र को बेचने का लगातार 2014 से प्रयास हो रहा है.

25 अगस्त से सरकार के खिलाफ रची जा रही है साजिश

सीएम हेमंत ने कहा कि 25 अगस्त से सरकार के खिलाफ साजिश रची जा रही है. कहा जा रहा है कि निर्वाचन आयोग की तरफ से सदस्यता रद्द कर दी गयी है. लेकिन आज तक लिफाफा नहीं खुला. बीजेपी चाहती है कि डरा कर विधायकों को खरीद लिया जाए. इसलिए आज बीजेपी देख लें कि सदन के अंदर हम कितने मजबूत हैं. जबाव के वक्त सदने में हंगामा चरम पर था. स्पीकर की बात भी बीजेपी विधायक नहीं मान रहे थे. वेल से जोर-जोर से नारा लगाया जा रहा था. सीएम की आवाज भी साफ सुनाई नहीं दे रही थी.

इन लोगों (भाजपा) ने सिर्फ व्यापारियों की मदद की

सबका साथ सबका विकास का नारा देने वाले इन लोगों ने सिर्फ व्यापारियों की मदद की. पेंशन देने का इनके पास पैसा नहीं है. इन लोगों ने पूरे देश को ताक पर रखने का काम किया है. गैर बीजेपी राज्यों में जैसे-तैसे अस्थिर करने का काम हो रहा है. गरीबों के लिए इन के पास पैसा नहीं है. इनके कारनामों को लिखना शुरू किया जाए तो लिखते लिखते स्याही खत्म हो जाएगी. सरकार के खिलाफ दुष्प्रचार का काम तमाम मीडिया और सोशल मीडिया के जरिए किया जा रहा है. हिंदू-मुस्लिम का नारा देकर जनता को सड़क पहर ला कर खड़ा कर दिया है. हेमंत सोरेन जब सदन में सरकार की तरफ से जवाब दे रहे थे. तो लगातार विपक्ष वेल में आकर हंगामा कर रहा था. हंगामे के बीच ही सदन में हेमंत सोरने अपनी बात रख रहे थे.

1932 खतियान व ओबीसी आरक्षण पर जल्द निर्णय लेगी सरकार

बाबूलाल के बारे कहा कि बाबूलाल जितना रंग बदलते हैं, गिरगिट भी उतना रंग नहीं बदलता होगा. कहा कि आरएसएस की शाखाएं जो चलती हैं. उसमें दलित आदिवासी और गरीबों को कैसे सताया जाए ये सिखाया जाता है. हेमंत ने कहा कि 1932 और ओबीसी आरक्षण पर सरकार बहुत जल्द निर्णय लेने जा रही है. कहा कि मैं आंदोनकारी का बेटा कभी किसी से डरेंगे नहीं. राज्य में सुखाड़ है. लेकिन बीजेपी को इसकी चिंता नहीं है. इनको करना कुछ नहीं है, इन्हें लूट कर खाने की आदत हो गयी है. फसल लगाए कोई और ये सिर्फ काटना जानते हैं. ये वो लोग हैं जिसके मुंह में राम और बगल में छुरी रहती है .

राज्यपाल पीछे के दरवाजे से निकल गए और समरीलाल सदन में बैठे हैं

हेमंत सोरेन ने राज्य के राज्यपाल के बारे कहा कि राज्यपाल पीछे के दरवाजे से निकल गए. समरीलाल के बारे में सीएम ने कहा कि वो फर्जी सर्टिफिकेट पर विधान बनकर बैठे हुए हैं. उसपर चुनाव आयोग कोई कार्रवाई नहीं करता है. एक-एक व्यक्ति की बखिया उधेड़ने लगें तो सालों लग जाएंगे. बस यही बोलना चाहता हूं कि डराने धमकाने का काम नहीं चलेगा. मुझे लगता है कि मैं भैंस के आगे बीन बजा रहा हूं. वार करना है तो सामने से करो पीठ पीछे वार क्यों करते हो. विपक्ष देख लें कि हम सभी साथ हैं. अगली बार बीजेपी अपनी जमानत भी नहीं बचा पाएगी.

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