हाईकोर्ट ने लगाई रिम्स को फटकार, कहा-आपने कैसे विज्ञापन में लिखा है कि झारखंड के नागरिक ही आवेदन कर सकते हैं

रांची। रिम्स में फोर्थ ग्रेड पर नियुक्ति से संबंधित रिट याचिका की सुनवाई के दौरान झारखंड हाईकोर्ट ने रिम्स से पूछा कि आपने कैसे विज्ञापन में लिखा है कि झारखंड के नागरिक ही आवेदन कर सकते हैं. नागरिक देश का होता है, राज्य का नहीं. कोर्ट ने इस बिंदु पर रिम्स को कड़ी फटकार लगाई. साथ ही रिम्स को निर्देश दिया कि फोर्थ ग्रेड सहित अन्य के लिए किए गए नए विज्ञापन के आधार पर जो परीक्षा होगी और उसमें जो चयनित होंगे उनकी नियुक्ति इस रिट याचिका में पारित आदेश से प्रभावित होगा. परीक्षा अपने तय तिथि 18 सितंबर को होगी. कोर्ट ने इस परीक्षा पर रोक लगाने से इनकार कर दिया.

मामले की सुनवाई हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस डॉ रवि रंजन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में हुई. दरअसल, रिम्स में फोर्थ ग्रेड की नियुक्ति के लिए 8 मार्च 2019 को विज्ञापन निकाला गया था. इसमें लैब अटेंडेंट तथा वार्ड अटेंडेंट के करीब 169 पद पर नियुक्ति के लिए विज्ञापन निकला था. जिसके आधार पर अभ्यर्थियों का चयन भी हो गया था, लेकिन अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया था. इसके खिलाफ प्राथियो की ओर से झारखंड हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल कर नियुक्ति पत्र निर्गत कराने का आग्रह किया गया था. हालांकि बाद में रिम्स ने इस विज्ञापन को रद्द कर दिया था. एक पीआईएल के आदेश के अनुपालन में रिम्स की ओर से 20 मई 2022 को लैब अटेंडेंट, वार्ड अटेंडेंट सहित अन्य पदों के लिए एक नया विज्ञापन निकाला गया. प्राथियो ने इस विज्ञापन को भी हाईकोर्ट में चुनौती दी है. जिस पर सुनवाई करते हुए शुक्रवार को हाईकोर्ट ने कहा जो सिलेक्शन होगा वह इस रिट याचिका में पारित आदेश से प्रभावित होगा. मामले की अगली सुनवाई 14 अक्टूबर को होगी.

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