कसमार में तेजी से फैल रहा कबाड़ का अवैध धंधा, प्रशासन भी मौन

बोकारो। बोकारो जिले के कसमार में इन दिनों अवैध कबाड़ का धंधा जोरों पर है. कबाड़ के इस धंधे से चोरी और अपराध बढ़ने की सम्भावना से इनकार नहीं किया जा सकता. वही कबाड़ व्यवसायी कबाड़ से लाखों करोड़ों की हेराफेरी कर रहे हैं. जिसकी न तो पेपर है और न ही इसकी परमिशन. कबाड़ का व्यवसाय करने के लिए स्पष्ट नीति-नियम न होने से भी यह अवैध धंधा तेजी से अपने पैर पसार रहा है. छोटे कबाड़ियों को इस धंधे के लिए लाइसेंस की जरूरत नहीं होती न कोई स्टाक का हिसाब रखना पड़ता है और इसी का फायदा उठा कर कबाड़ के धंधे के मास्टरमाइंड कबाड़ी का व्यवसाय शुरू कर देते हैं. जिसकी आड़ में जमकर चोरी के माल की खरीद बिक्री होती है. बोकारो जिले के कसमार इलाके में धड़ल्ले से चला रहे कारोबारी सारे नियमों को ताक पर रखकर अपने काले कारनामों को अंजाम देने में लगे हुए है. अवैध कारनामों को रोकने की जिम्मेदारी जिस पर है वे या तो आंखें मूंदकर बैठे हैं या फिर नजराना लेकर अपनी जवाबदेही से पीछे हट रहे हैं. कसमार थाना क्षेत्र के गररी मुस्लिम टोला, बगदा, खैराचातर, कमलापुर के एनएच के क्षेत्रों में बेरोकटोक कबाड़ी का अवैध धंधा दबंग किस्म के लोग चला रहे हैं. जिसके कारण आम जनता का जीना मुहाल हो गया है. स्थानीय लोगों के अनुसार जब से अवैध कबाड़ी का धंधा शुरु हुआ है, तबसे से चोरी की घटनाएं बढ़ गई है. जिसमें अपराधी किस्म के लोग सरकारी एंगल, दरवाजे, खिडकी तक को काट कर ले जा रहे है. कसमार के अवैध कबाड़ी कार्यों में कई राजनीतिक दल के नेता भी लिप्त है, जिसके कारण पुलिस-प्रशासन भी कबाड़ी का घंधा करने वालों पर हाथ देने से डरती है.

रात के अंधेरे में बंगाल में खपाया जाता है कबाड़ी

कसमार थाना क्षेत्र में जितने भी अवैध रूप से कबाड़ का संचालन लोग कर रहे हैं, वे रात के अंधेरे में कबाड़ को बंगाल के गोदामों में बेचते है. ये सारे कबाड़ी वाले तीस रुपये प्रति किलो लोहा खरीदते हैं ओर उसे बंगाल में पच्चास रुपये प्रति किलो में बेचते हैं. इसी प्रकार प्लास्टिक, टीना सहित अन्य कबाड़ी को भी बंगाल में ज्यादा रेटों पर बेचा जाता है. कसमार में कबाड़ी का धंधा चलाने वाले लोग अवैध कबाड़ी के साथ-साथ गांजा व तांबा की भी तस्करी बंगाल के क्षेत्र में धड़ल्ले से कर रहे हैं. कबाड़ी के सामानों में डालकर इस धंधे को अमलीजामा पहनाया जा रहा है. जिसमें इन्हें मोटी रकम की कमाई होती है. बताया जाता है कि इस धंधे में इन लोगों की इतनी पैठ है कि इस पर कोई हाथ भी नहीं लगाता है.

दर्जनों कबाड़ी दुकान सिर्फ एक के पास है लाइसेंस

कसमार थाना क्षेत्र में वैसे तो आधे दर्जन से अधिक जगहों मे अवैध रूप से कबाड़ी खाना का संचालन हो रहा है, जिसमें चोरी किये हुए बिजली का तार, तांबा, पीतल की गैर कानूनी तरीके से ये सारे लोग बंगाल व रामगढ़ सहित अन्य क्षेत्रों में पिकअप गाड़ियों पर लादकर उसे भेजने का काम जोर-शोर से करते हैं. जबकि कसमार के मोचरो के सड़क किनारे एक ही लाइसेंसी कबाड़ी मां काली इस्पात के नाम से निबंधन है, बाकी सारे कबाड़ी अवैध रूप से चल रहे हैं. कबाड़ व्यवसाय के लिए कोई स्पष्ट नियम नहीं बनाया है, पर इसके लिए लाइसेंस जरुरी है. नियम के अनुसार कबाड़ के व्यवसाय के लिए लाइसेंस होना चाहिए. सरकार की ओर से जारी गाइडलाइन के अनुसार कोई भी व्यक्तिगत तौर पर फर्म सोसाइटी या फिर ट्रस्ट के जरिए कबाड़ का गोदाम खोल सकता है. इसके लिए केन्द्रीय प्रदूषण कंट्रोल बोर्ड से इजाजत लेनी होगी. जिसके बाद टीम के निरीक्षण करेगी और फिर सारे मानक पूरे होने पर ही एक अधिकृत लाइसेंस जारी होगी.

कबाड़ में इन चीजों की कर सकते हैं खरीदारी

कबाड़ के रूप में अनेक तरह की चीजें खरीदी जा सकती है. जिनमें रदृी पेपर, गत्ते, लोहा, टीन, कांच, एल्मुनियम, प्लास्टिक, इलैक्ट्रिानिक व इलैक्टिक चीजें, फर्नीचर, पंखें, कुलर, लैपटाप, कप्युटर, सीपीओ, की बोर्ड, पुराने कपड़े आदि. कबाड़ गोदाम के लिए ये चाहिए प्रमाण पत्र : पहचान के लिए : आधार कार्ड, वोटर कार्ड स्थान के लिए : राशन कार्ड, लाइट बिल, पासपोर्ट बैंक डिटेल्स : पासबुक मोबाइल नंबर, ईमेल आईडी जीएसटी रजिस्ट्रेशन नंबर 4-5 पासपोर्ट साइज फोटो एनओसी।

कसमार स्थित मां काली इस्पात के संचालक सुमित जयसवाल ने बताया कि अवैध कबाड़ी चलाने वालों लोगों के चलते लाइसेंसी कबाड़ी वाले लोगों को भी दिक्कत होती है. अवैध कबाड़ी वाले चोरी का माल लेकर बेचते हैं. ओर बदनामी हमलोगो की होती है, ऐसे अवैध कबाड़ी वालों पर प्रशासन कारवाई करें. मामले को लेकर एसडीओ बेरमो ने बताया अवैध कबाड़ी के मामले में अपने स्तर से तो हम कारवाई नहीं कर सकते हैं. क्योंकि ये मामला चोरी संबंधित में आता है. लेकिन मामलों को लेकर डीएसपी स्तर के पदाधिकारियों से बात करेंगे.जरीडीह इंस्पेक्टर जयगोविंद प्रसाद ने मामले में बताया कसमार में अवैध कबाड़ी संचालित होने की जानकारी अभी तक तो नहीं है. लेकिन जानकारी लेकर आगे कारवाई करेंगे.

Share this...
Share on Facebook
Facebook
Tweet about this on Twitter
Twitter

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *