अंधविश्वास का बरपा कहर,गांव में लोगों ने नहीं करने दिया शव का अंतिम संस्कार, जानिए क्या है मामला

चाईबासा । जिला में अंधविश्वास की जड़े आज भी काफी मजबूत हैं. इसका जीता जागता उदाहरण पश्चिमी सिंहभूम जिला में देखने को मिला. जिला के कराईकेला थाना क्षेत्र के गांव राइबेड़ा का ये मामला है. गांव के भोद्रो बोदरा की तालाब में डूबने से मौत हो गई. परिजनों ने अंतिम संस्कार की तैयारी की लेकिन अंधविश्वासी ग्रामीणों ने कहा कि तालाब में भूत है और भूत ने ही इसे तालाब में डूबाकर मर दिया है. इसलिए इसका अंतिम संस्कार गांव में नहीं होने दिया जाएगा.

गांव में नहीं होने दिया अंतिम संस्कार

मृतक केपरिजन लाख समझाते रहे लेकिन ग्रामीणों ने गांव में अंतिम संस्कार नहीं होने दिया. अंत में पंचायत के मुखिया व परिजनों ने शव को चक्रधरपुर शहर में लाकर अंतिम संस्कार किया. घटना गुरुवार की है, राइबेड़ा गांव के भोद्रो बोदरा दिन के करीब 11 बजे तालाब में नहाने गया था. उसी तालाब में नहाने के क्रम में उसकी मौत डूबने से हो गई. काफी देर तक जब वो घर नहीं लौटा तो भोद्रो के परिजन उसकी खोजबीन करने लगे. कपड़े समेत दूसरे सामान तालाब के किनारे दिखाई दिया, उसके बाद करीब शाम के चार बजे शव पानी में दिखाई पड़ा.

तालाब में शव की सूचना पुलिस को दी गयी. लेकिन रात होने के कारण पुलिस मौके पर नहीं पहुंची. उसी समय गांव वालों ने कह दिया कि गांव में अंतिम संस्कार नहीं करने देंगे. इसके बाद आज शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कर चक्रधरपूर में मुखिया कुश पूर्ति की मदद से शव का अंतिम संस्कार कराया गया.

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