आदिवासियों की पहचान बरकरार रखने के लिए आदिवासियों के शैक्षिक उत्थान और उनकी भाषा, संस्कृति, परम्परा का संरक्षण जरूरी:नमन बिकशल कोनगाड़ी

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सिमडेगा कोलेबिरा विधानसभा छेत्र अंतर्गत कोलेबिरा प्रखंड के आर सी मिडिल स्कूल बरवाडीह में बिधायक मद द्वारा निर्मित शौचालय का उद्घाटन कोलेबिरा बिधायक नमन बिकशल कोनगाड़ी के कर कमलों से हुआ।बिधायक के आर सी बिद्यालय बरवाडीह बिद्यालय में पहुंचते ही बिद्यालय के छात्र-छात्राओं और उपस्थित जनसमूह के द्वारा जोरदार स्वागत नाच-गान से किया गया।स्वागत के उपरांत बिधायक ने अपने मद से निर्मित शौचालय को उद्घाटन कर बिद्यालय को समर्पित किया। उपस्थित सभी छात्र-छात्राओं एवम लोगों को संबोधित करते हुए बिधायक नमन बिकशल कोनगाड़ी ने कहा कि इस बिद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों और सभी शिक्षकों को शौचालय के लिए बहुत ही परेशानियों का सामना करना पड़ता था, जिसको संज्ञान में लेकर अविलंब मैंने अपने मद से शौचालय देने का काम किया।आज इसका उद्घाटन हो रहा है, अब सभी को सुविधा मिलेगी।शौच के लिए बाहर नही जाना पड़ेगा।आगे बिधायक ने लोगों को सम्बोधित करते हुए अल्पसंख्यक समाज के विरुद्ध बनाये गए नीतियों को बिस्तार पुर्वक बताया कि भारत के संबिधान के आर्टिकल 30 में अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को अधिकार प्राप्त है कि समाज के उत्थान के लिए बिद्यालय, अस्पताल आदि का निर्माण कर सकते हैं।

परंतु पुर्व की भाजपा सरकार संबिधान के विरुद्ध जाकर अल्पसंख्यक बिद्यालय को बंद करने का षड्यंत्र लगतार रच रही थी, इस षड्यंत्र में उस सरकार में शामिल झापा(एनोस एक्का परिवार पार्टी) के एनोस एक्का भी बराबर के भागीदार रहे हैं।इन षड्यंत्रों के तहत पिछले चौदह वर्षों से अल्पसंख्यक विद्यालयों में शिक्षकों की बहाली को रोक दिया था।जो शिक्षक अल्पसंख्यक विद्यालयों में शिक्षा देने का कार्य कर रहे थे, उनके वेतन को भी रोक दिया गया था।सभी अल्पसंख्यक बिद्यालयो के अनुमोदन को रद्द करने का प्रयास लगातार किया जा रहा था।जिसके फलस्वरूप सभी अल्पसंख्यक बिद्यालय बंद होने की कगार पर पहुंच चुके थे परंतु कांग्रेस गठबंधन की सरकार बनते ही मेरे द्वारा लगातार प्रयास कर सभी अल्पसंख्यक विद्यालयों में शिक्षकों की बहाली शुरू करवाई गई।सभी शिक्षकों के वेतन को पुनः बहाल किया जा रहा है ताकि शैक्षणिक कार्य करने वालों को किसी भी तरह की परेशानी ना हो।आज हमारी सरकार की अच्छी नीतियों की वजह से सभी बिद्यालय सुचारू रूप से चल रहे हैं।आगे विधायक नमन बिकशल कोनगाड़ी ने उपस्थित सभी लोगों को बताया कि हमारी कांग्रेस गठबंधन की सरकार झारखंड राज्य में निवास करने वाले सभी आदिवासी जनजाति और मूलवासियों के विकास के लिए भी कृतसंकल्पित है।इसी कड़ी में उनकी भाषा, संस्कृति, परम्परा के विकास और संरक्षण करने का काम कर रही है, जिसके तहत राज्य के सभी बिद्यालयो मे जनजाती और मूलवासी भाषा की पढ़ाई सुनिश्चित करने का काम हमारी सरकार ने किया है।इस नीति से सभी बिद्यालयो मे जनजातिय समाज के भाषा के लिए शिक्षकों के पद का सृजन हुआ है।इस शिक्षक नियुक्ति की सबसे महत्वपूर्ण बात ये है कि इस नियुक्ति का लाभ सीधे-सीधे जनजातिय और मूलवासियों को ही मिलेगा।कोई भी बाहरी व्यक्ति इस रोजगार को छीन नही पायेगा।

इसके लिए मैंने इस नीति का प्रस्ताव बिधानसभा के पटल पर ध्यानाकर्षण के माध्यम से रखा था जिसके फलस्वरूप आज पुरे झारखंड में इस जनकल्याणकारी योजना की शुरुवात हो चुकी है।इसके लिए आप सभी बच्चे अपनी भाषा को पढ़कर नौकरी लेकर आगे बढ़ने का कार्य करें |आगे बिधायक ने ये भी बताया कि दुखी मन से ये कहना पड़ रहा है कि कुछ पदाधिकारी जो नही चाहते कि जनजातिय और मूलवासियों का विकास हो, उनकी भाषा, संस्कृति, परम्परा का संरक्षण हो।वैसे पदाधिकारियों ने गलत रिपोर्ट बना कर राज्य सरकार को भेजने का काम किया था जिसमे खड़िया के लिए एक पद, मुंडा के सोलह, नागपुरी में 58 तथा उरांव को शून्य घोषित कर दिया था।इस अनियमितता की जानकारी मुझे मिलते ही अविलंब मैंने जिला के शिक्षा अधिकारी तथा राज्य के मुख्यमंत्री से मिलकर आपत्ति जताई।

जिसके फलस्वरूप मुख्यमंत्री जी ने रिपोर्ट में जो बिसंगिति है उसको दूर करते हुए सभी बिद्यालयो मे शिक्षक बहाली के लिए आदेश जारी किया है।और भी कई नीतियां जो अल्पसंख्यक समाज के विरुद्ध पूर्व की भाजपा, झापा नीत सरकार के द्वारा बनाई गई थी उन नीतियों को मैंने हमेशा सदन,संबंधित विभाग के वर्तमान मंत्री और मुख्यमंत्री के समक्ष बिरोध किया और उन नीतियों को निरस्त करवाने का काम किया।मौके पर फादर ब्रिसयूस तिर्की, फादर सेबेस्टियन एक्का, फादर फुलजेम्स बुढ़, फादर एडवर्ड, सिस्टर अर्पिता,बिधायक जी की धर्मपत्नी बिनीता कोनगाड़ी ,कोलेबिरा प्रखंड अध्यक्ष सुलभ डुंगडुंग, कांग्रेस मंडल अध्यक्ष राकेश कोनगाड़ी,कोलेबिरा प्रखंड मीडिया प्रभारी अमृत डुंगडुंग, फुलजेम्स बरला, शैलेश बा सहित बरवाडीह बिद्यालय के समस्त शिक्षक और ग्रामीण उपस्थित रहे।

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