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लोहरदगा के सेन्हा थाना के धरधरिया में तीन मई 2011 में हुए विस्फोट में सीआरपीएफ और पुलिस के 11 जवानों की मौत के मामले के सभी सजायाफ्ता को हाईकोर्ट ने बरी कर दिया है। जस्टिस आरके मुखोपाध्याय और जस्टिस पीके श्रीवास्तव ने फैसला सुनाते हुए ठोस साक्ष्य नहीं होने और गवाहों के बयान को देखते हुए सभी को बरी कर दिया। बरी किए जाने वालों में सुधवा असुर, सुना खेरबार, पुरन गंझू और अक्षय खेरवार शामिल हैं। इस विस्फोट में 60 लोग घायल भी हुए थे। इस घटना के बाद पुलिस ने सेन्हा थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। निचली अदालत ने दोषी पाते हुए 12 अप्रैल 2016 को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। निचली अदालत के आदेश के खिलाफ सभी ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी। अपील पर सुनवाई में सभी को बरी कर दिया



