प्राकृत पर्व सरहुल सरना समाज को भाईचारगी का सौगात प्रदान करता है : रामलखन प्रसाद

सेन्हा/लोहरदगा l प्रकृति का त्योहार सरहुल धूम-धाम से मनाया जा रहा है। सेन्हा प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न इलाका में सरना समाज द्वारा त्योहार धूम धाम से मनाया जा रहा है। आदिवासी प्रकृति के अवसर पर मांदर एवं नगाड़े के धुन पर झूमते नजर आते हैं। इस प्रकार क्षेत्र में अलग अलग दिन सरहुल पर्व मनाया जाता है। सरहुल पर्व पर लोग झूमते-नाचते गाते हैं। और शोभायात्रा के रूप में गांव का भ्रमण किया जाता है। इसी के तहत सेन्हा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत पतलो ग्राम में सरहुल पर्व मनाया गया जहां जीप सदस्य सरहुल पर्व में हुए शामिल हो कहे प्राकृतिक पर्व समाज को भाईचारगी का सौगात देता है। सेन्हा प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत पतलो ग्राम में सरना समाज के महत्वपूर्ण पर्व में सेन्हा प्रखंड जीप सदस्य रामलखन प्रसाद अपने सहयोगी फूलदेव उराँव सुभाष उराँव,रामजीवन उराँव मुन्नी उराँव कृष्णा महली बुधेश्वर पाहन के साथ पहुंच पतलो ग्राम सरना समाज के पर्व में शामिल हुए। जानकारी के अनुसार बता दें कि झारखंड राज्य में सरलू पर्व के अवसर पर सरना समाज प्राकृतिक का पूजा करते है। और अपने क्षेत्र की सुखसमृद्धि हेतु कामना किया जाता है। इस अवसर पर जीप सदस्य रामलखन प्रसाद ने कहा सरना समाज का प्राकृतिक पर्व सरहुल भाईचारगी का सौगात प्रदान करता है। साथ ही उन्होंने कहा क्षेत्र के अनुसार अलग अलग समय में सरहु पर्व मनाया जाता है। जिसमें लोग प्राकृतिक का पूजा करते है। इतना ही नही इस पर्व के दौरान गांव में हल,कुदाल चलाना एवं पेड़ पौधे की कटाई पर रोक लगया जाता है। जिससे समाज को यह सिख मिलता है कि हरियाली को बचाने एवं प्राकृतिक का रक्षा करने में यह पर्व सार्थक साबित होगा। साथ ही युवा वर्ग को समाज के प्रति सजग एवं जगरुक होने का अवसर मिलता है।

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