यासिर अराफ़ात @झारखंड उजाला ब्यूरो
पाकुड़: बाजार समिति प्रांगण में आयोजित एक दिवसीय मांझी परगना महासम्मेलन के बतौर मुख्यातिथि कोल्हान टाइगर व झारखण्ड के पूर्व सीएम चम्पाई सोरेन ने करीब 2. 50 बजे अपराह्न मांझी परगना महासम्मेलन के मंच पर पहुंचते ही सम्मेलन में उपस्थित लोगों के द्वारा लगाये गये चम्पाई सोरेन जिन्दाबाद के नारों से पूरा महफ़िल गुंज उठा। चम्पाई सोरेन के पहुंचते ही पारम्परिक आदिवासी रीति- रिवाज से उनका जोरदार तरीके से स्वागत किया गया। सम्बोधन के दौरान लगभग सभी वक्ताओं ने आदिवासी स्मिता और संरक्षण से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर उपस्थित लोगों का ध्यान केन्द्रित कराया। पूर्व विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने सिद्धो- कान्हो की योगदान व उनकी दूरदर्शिता को बखुबी परिभाषित किया । साथ ही लोबिन हेम्ब्रम ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आदिवासी मुख्यमंत्री रहते हुए भी कॉलेज हॉस्टल में आदिवासी छात्र और पुलिस की हुई वृत्तांत पर ध्यान नहीं दिया।
विधायक लोबिन हेम्ब्रम ने सम्बोधन के दौरान बंगलादेशी मुद्दा को भी दर्शाया। उन्होंने स्थानीय नीति व नियोजन नीति पर भी विशेष रूप से इशारा किया। बतौर मुख्यातिथि पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने भी वर्तमान राज्य सरकार पर तीखा प्रहार किया। चम्पाई सोरेन ने पाकुड़़ प्रखण्ड अन्तर्गत नसीपुर, पत्थर घाटा अन्य गांव का जिक्र करते हुए कहा कि आदिवासी के गांव जमीन पर बाहरी कब्जा कर घर बना कर रह रहे हैं। पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन ने कहा कि इससे भी बड़ा वैसी ( महासम्मेलन) बुलायेंगे और हमारी संगठन को मजबूत करेंगे। साथ ही आदिवासी की एक – एक जमीन पर बसे बाहरी लोगों से जमीन लेने की प्रक्रिया को अपनाते हुए उन सभी से हमारे जमीनों को लेकर एक- एक को भगायेंगे। उन्होंने सरकार के ऊपर कई गंभीर आरोप भी लगाया। शिव चरण मालतो अन्य ने भी सभा को सम्बोधित किया। इस आयोजित मांझी परगना महासम्मेलन के मुख्य भूमिका में रहे मुखिया विकास गोंड, चन्द्र मोहन हसदा, आदि लोगों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में कामयाब दिखे.



