जमशेदपुर |झारखंड में कभी नक्सली संगठन के एरिया कमांडर और जोनल सचिव रहे कान्हू मुंडा अब हिंसा का रास्ता छोड़कर राजनीति में कदम रखने की तैयारी में हैं। पुरुलिया के एक मामले में जमानत मिलने के बाद उन्हें जेल से रिहा कर दिया गया और वह अपने घर गुड़ाबांदा लौट आए।

कान्हू मुंडा ने करीब 14 साल नक्सली गतिविधियों में बिताए थे। उनके खिलाफ झारखंड में 49 मामले दर्ज थे और सरकार ने उन पर 25 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। उन्होंने 15 फरवरी 2017 को सात अन्य साथियों के साथ आत्मसमर्पण किया था।

आत्मसमर्पण के बाद पुनर्वास नीति के तहत उन्हें सरकारी सहायता और जमीन भी दी गई। हालांकि, दर्ज मामलों के कारण उनकी कानूनी लड़ाई करीब नौ साल तक चलती रही।

अब जेल से बाहर आने के बाद कान्हू का कहना है कि वह हिंसा से दूर रहकर समाज के बीच काम करना चाहते हैं। उन्होंने सक्रिय राजनीति में आने और लोगों की सेवा करने की इच्छा जताई है।

यानी नक्सली संगठन से राजनीति तक का यह बदलाव अब झारखंड की राजनीति में एक नई चर्चा का विषय बन गया है।


Desk Desk · 12-09-2026 12:53 PM · 📍 Ranchi
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