रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) से जुड़ी परीक्षा अनियमितता के मामले में CID की जांच में बड़ा खुलासा हुआ है। कोर्ट में दाखिल की गई केस डायरी के मुताबिक, JPSC की दो परीक्षाओं में करीब 500 OMR शीट से छेड़छाड़ किए जाने की बात सामने आई है। जांच एजेंसी ने अभय तिवारी को इस पूरे मामले का कथित मास्टरमाइंड बताया है।
CID की जांच में यह भी सामने आया कि परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी टीडीपीएल (TDPL) के रांची स्थित कार्यालय की व्यवस्था में भी अभय तिवारी की भूमिका बताई गई है। जांच के दौरान लीज एग्रीमेंट, UPI भुगतान और अन्य दस्तावेजों को अहम सबूत के तौर पर देखा जा रहा है।
जांच के अनुसार, JPSC की 2025 प्रारंभिक परीक्षा में अभ्यर्थियों से पैसे जुटाने की बात भी सामने आई है। CID ने बताया कि 24 अभ्यर्थियों को जुटाया गया था, जिनमें से 11 अभ्यर्थियों द्वारा कथित तौर पर 10-10 लाख रुपये दिए जाने की जानकारी जांच में सामने आई है।
जांच एजेंसी का आरोप है कि अभय तिवारी अपनी विभिन्न परीक्षाओं में सफलता को उदाहरण के तौर पर पेश कर अभ्यर्थियों को प्रभावित करता था और उन्हें परीक्षा में सफलता दिलाने का भरोसा देता था। फिलहाल CID मामले में पूछताछ और पैसों के लेन-देन समेत पूरे नेटवर्क की जांच आगे बढ़ा रही है।
नोट: ये सभी आरोप और जांच में सामने आए तथ्य हैं। मामले में अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
Blog




