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झारखंड की राजनीति में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘दिमागी नक्सल’ वाले बयान को लेकर विवाद तेज हो गया है। भाजपा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को निशाने पर लेते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट जारी की, जिसमें झारखंड में भर्ती परीक्षाओं, पेपर लीक और युवाओं के आंदोलन को लेकर सरकार पर सवाल उठाए गए।
भाजपा ने आरोप लगाया कि JPSC और JSSC से जुड़ी भर्ती प्रक्रियाओं को लेकर युवाओं में लगातार असंतोष है और उनके आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है। भाजपा ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से युवाओं के सवालों का जवाब देने की मांग की।
इसके बाद सत्तारूढ़ झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने भाजपा पर पलटवार किया। JMM ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल किया कि क्या उनके अनुसार झारखंड के चुने हुए मुख्यमंत्री भी ‘नक्सल’ हैं? पार्टी ने इस बयान को आदिवासी नेतृत्व के खिलाफ राजनीतिक भाषा से जोड़ते हुए भाजपा पर निशाना साधा।
JMM ने यह भी सवाल उठाया कि क्या भाजपा हर विपक्षी मुख्यमंत्री को इस तरह संबोधित करती है या फिर केवल आदिवासी मुख्यमंत्री को निशाना बनाया जा रहा है।
इस पूरे विवाद में युवा रोजगार, JPSC-JSSC भर्ती प्रक्रिया, पेपर लीक और छात्र आंदोलनों का मुद्दा भी राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। अब दोनों दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप और तेज होने के संकेत हैं।
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