रांची: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) परीक्षा में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही CID के सामने पूछताछ में नए खुलासे हुए हैं। TDPL के निदेशक रामवीर सिंह के बयान के अनुसार, 10 से 12 चुनिंदा अभ्यर्थियों के चयन और प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने को लेकर दबाव बनाया गया था।
जांच के मुताबिक, यह दबाव JPSC से जुड़े कंप्यूटर ऑपरेटर धर्मेंद्र कुमार की ओर से बनाए जाने का आरोप है। बताया गया है कि संबंधित मांग को TDPL ने स्वीकार नहीं किया और परीक्षा प्रक्रिया नियमों के अनुसार कराने की बात कही। इस कथित मांग की जानकारी तत्कालीन JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांगते और उप परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता को दिए जाने की बात भी सामने आई है।
जांच में यह भी आरोप सामने आया है कि OMR शीट, एडमिट कार्ड और प्रिंटिंग का काम दिलाने के बदले TDPL से 20 से 25 लाख रुपये कमीशन मांगा गया था।
CID ने TDPL के पूर्व अधिकारियों से मिली जानकारी के आधार पर धर्मेंद्र कुमार को 11 अगस्त को गिरफ्तार किया था। मामले में अन्य आरोपियों से भी पूछताछ और जांच जारी है।
JPSC प्रकरण में अब CID कथित पेपर लीक के साथ-साथ परीक्षा प्रक्रिया, निजी एजेंसी और आयोग से जुड़े लोगों के बीच संभावित नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
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