रांची: झारखंड में JPSC और JSSC समेत विभिन्न भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब दूसरे चरण में प्रवेश कर गया है। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व में ‘भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा’ 24 अगस्त से शुरू की गई है। यह यात्रा झारखंड के सभी 24 जिलों तक पहुंचेगी।
यात्रा की शुरुआत रामगढ़ जिले के गोला प्रखंड स्थित नेमरा गांव से की गई है। आंदोलनकारियों के अनुसार, इस अभियान का उद्देश्य केवल किसी एक परीक्षा को रद्द कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की पूरी भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्षता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग को मजबूत करना है।
यात्रा के दौरान छात्रों, अभ्यर्थियों, शिक्षकों और आम लोगों से संवाद कर भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं और कथित पेपर लीक व अनियमितताओं के मुद्दे को उठाया जाएगा। छात्र नेताओं का कहना है कि यदि किसी परीक्षा में गड़बड़ी हुई है तो दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, लेकिन निर्दोष अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित नहीं होना चाहिए।
देवेंद्र नाथ महतो ने कहा है कि सरकार को ऐसी स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, जिसमें भविष्य में पेपर लीक या भर्ती परीक्षाओं में अनियमितता की कोई गुंजाइश न रहे। उनका जोर भर्ती प्रक्रिया में सुधार और अभ्यर्थियों के भविष्य की सुरक्षा पर है।
मंच ने 15 सितंबर को होने वाली हाईकोर्ट की सुनवाई को भी महत्वपूर्ण बताया है। छात्र नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने अदालत में अपना पक्ष प्रभावी तरीके से नहीं रखा, तो आंदोलन को और व्यापक किया जा सकता है। इसके तहत मुख्यमंत्री आवास के घेराव और चक्का जाम जैसे आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
इस यात्रा के जरिए आंदोलनकारी पूरे राज्य में भर्ती व्यवस्था को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने और सरकार पर भर्ती परीक्षाओं को पारदर्शी एवं निष्पक्ष बनाने के लिए ठोस कदम उठाने का दबाव बनाने की तैयारी में हैं।
मुख्य बिंदु:
- भर्ती व्यवस्था सुधार यात्रा 24 अगस्त से शुरू
- यात्रा झारखंड के सभी 24 जिलों तक पहुंचेगी
- शुरुआत रामगढ़ के नेमरा गांव से
- JPSC-JSSC भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता की मांग
- पेपर लीक और कथित अनियमितताओं पर कार्रवाई की मांग
- 15 सितंबर की हाईकोर्ट सुनवाई पर आंदोलनकारियों की नजर
- मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी
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