जमशेदपुर | झारखंड में माओवादी गतिविधियों को लेकर एक बार फिर बड़ी खबर सामने आई है। पश्चिम बंगाल में आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी नेता रामप्रसाद मार्डी उर्फ सचिन मार्डी ने पूछताछ के दौरान असीम मंडल को लेकर बड़ा दावा किया है।
सचिन मार्डी के मुताबिक, असीम मंडल की तबीयत खराब है, लेकिन इसके बावजूद वह आत्मसमर्पण करने के लिए तैयार नहीं है। सचिन का दावा है कि असीम मंडल माओवादी विचारधारा के प्रति बेहद कट्टर है और वह हथियार छोड़ने के बजाय सुरक्षा बलों से मुठभेड़ में मारे जाने का रास्ता चुन सकता है। हालांकि, ये बातें फिलहाल सचिन मार्डी के दावे हैं और इनकी स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
पूछताछ में सचिन मार्डी ने यह भी दावा किया कि माओवादी संगठन की स्थिति अब काफी कमजोर हो चुकी है। उसके अनुसार, संगठन की कई गतिविधियां प्रभावित हुई हैं और कई सदस्य आत्मसमर्पण कर चुके हैं।
सचिन ने खुद सांसद सुनील महतो की हत्या के ऑपरेशन में शामिल होने का दावा किया है। उसने पुलिस पूछताछ में संगठन के कई अन्य हमलों में अपनी भूमिका की बात भी बताई है। इसके अलावा उसने बुरुडीह और कुकड़ू में पुलिस पर हुए हमलों में शामिल होने का भी दावा किया।
इधर, सचिन मार्डी की निशानदेही पर पुलिस ने दलमा के जंगलों में सघन तलाशी अभियान चलाया। पुलिस ने उन संभावित ठिकानों की तलाश की, जहां माओवादी हथियार और गोला-बारूद छिपाकर रख सकते थे। हालांकि, तलाशी अभियान में क्या बरामद हुआ, इसकी आधिकारिक पुष्टि खबर लिखे जाने तक नहीं हुई थी।
सचिन के मुताबिक, पश्चिमी सिंहभूम का सारंडा क्षेत्र लंबे समय से माओवादी गतिविधियों के लिए महत्वपूर्ण रहा है। उसने बाबूडेरा को संगठन के प्रमुख ठिकानों में से एक बताया।
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या असीम मंडल भी आने वाले दिनों में आत्मसमर्पण करेगा या सुरक्षा बलों के साथ संघर्ष का रास्ता चुनेगा? सचिन मार्डी के दावे ने इस सवाल को और गंभीर बना दिया है।
Blog
