रांची | झारखंड में अवैध खनन के खिलाफ सरकार ने अब कार्रवाई तेज करने की तैयारी कर ली है। राज्य के सभी जिलों में डिस्ट्रिक्ट लेवल टास्क फोर्स सेल बनाए जाएंगे। इसके साथ ही खनिजों के अवैध परिवहन पर नजर रखने के लिए अलग-अलग जिलों में चेकनाके और चेकपोस्ट भी स्थापित किए जाएंगे।

यह फैसला खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में लिया गया। बैठक में अवैध खनन से जुड़ी शिकायतों की जांच, कार्रवाई, विभागों के बीच बेहतर समन्वय और राजस्व वसूली जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई।

फिलहाल राज्य के 14 जिलों—धनबाद, गुमला, सिमडेगा, साहिबगंज, बोकारो, हजारीबाग, जमशेदपुर, गढ़वा, पलामू, पाकुड़, दुमका, रामगढ़, सरायकेला-खरसावां और कोडरमा—में स्थायी या अस्थायी चेकपोस्ट संचालित हो रहे हैं।

वहीं चतरा, जामताड़ा, गोड्डा, खूंटी और देवघर के खनन पदाधिकारियों ने नए चेकपोस्ट बनाने के लिए फंड की मांग की है। सरकार की ओर से जल्द राशि उपलब्ध कराने की बात कही गई है। इसके अलावा रांची, लातेहार, गिरिडीह, चाईबासा, लोहरदगा और कोडरमा में भी चेकनाका बनाने का फैसला लिया गया है।

बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के राजस्व लक्ष्य पर भी चर्चा हुई। राज्य ने इस वित्तीय वर्ष में 27 हजार करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य रखा है। अगस्त तक 9,877.98 करोड़ रुपये, यानी लक्ष्य का 36.59 प्रतिशत, राजस्व वसूला जा चुका है।

खनन से सबसे ज्यादा राजस्व देने वाले जिलों में चाईबासा, धनबाद, हजारीबाग और पाकुड़ शामिल हैं। अगस्त तक इन जिलों से क्रमशः करीब 1,836 करोड़, 1,397 करोड़, 1,326 करोड़ और 1,124 करोड़ रुपये की वसूली हुई है। दूसरी तरफ कुछ जिलों में राजस्व वसूली की रफ्तार धीमी बताई गई है।

बैठक में अधिकारियों को अवैध खनन, अवैध परिवहन और अवैध भंडारण से जुड़ी शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही हाईकोर्ट और एनजीटी के आदेशों का पालन सुनिश्चित करने तथा ‘खान प्रहरी’ ऐप के जरिए मिलने वाली शिकायतों पर भी कार्रवाई करने को कहा गया है।

यानी साफ है कि झारखंड में अब अवैध खनन और खनिजों के अवैध कारोबार पर निगरानी का दायरा बढ़ाया जा रहा है। सभी जिलों में टास्क फोर्स और चेकनाके बनने के बाद अवैध खनन और परिवहन पर कार्रवाई को और मजबूत करने की तैयारी है।

Desk Desk · 13-09-2026 03:06 PM · 📍 Ranchi
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