उजाला ब्यूरो । पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजे आने में अभी 48 घंटे बाकी हैं, लेकिन राज्य के कई हिस्सों में तनाव चरम पर है. दक्षिण 24 परगना जिले के फालता में शनिवार को उस वक्त अफरा-तफरी मच गयी, जब सैकड़ों ग्रामीणों ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के खिलाफ मोर्चा खोल दिया.


हाशिमनगर में भाजपा का झंडा लेकर किया प्रदर्शन

हाशिमनगर गांव में बड़ी संख्या में महिलाएं हाथों में भाजपा के झंडे लेकर सड़क पर उतर गयीं. उनका आरोप है कि टीएमसी के लोग उन्हें जान से मारने और चुनाव बाद ‘खून-खराबा’ करने की धमकियां दे रहे हैं. स्थिति बिगड़ती देख केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के अधिकारी खुद प्रदर्शनकारियों के बीच पहुंचे और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया.


5 मई के बाद देख लेंगे की धमकी से सहमे ग्रामीण

प्रदर्शनकारी महिलाओं ने स्थानीय पंचायत प्रधान और टीएमसी उम्मीदवार जहांगीर खान के करीबियों पर गंभीर आरोप लगाये. भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) महिला मोर्चा की फातिमा बीबी ने बताया कि 30 अप्रैल से ही इलाके में लोगों को डराया जा रहा है. आरोप है कि टीएमसी नेता का करीबी इसराफिल और उसके लोग कह रहे हैं कि 5 मई (नतीजों के अगले दिन) के बाद इलाके में भारी हिंसा होगी.


ग्रामीणों ने लगायी सुरक्षा की गुहार, सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट पहुंचे

ग्रामीणों ने सुरक्षा की गुहार लगायी है. उनकी मांग है कि मतगणना के बाद भी उनके इलाके में सीआरपीएफ की तैनाती बनी रहे. अगर ऐसा नहीं हुआ, तो उनकी जान को खतरा है. प्रदर्शन की खबर मिलते ही सीआरपीएफ के डिप्टी कमांडेंट भारी बल के साथ मौके पर पहुंचे. उन्होंने प्रदर्शनकारियों को भरोसा दिलाया कि किसी को डरने की जरूरत नहीं है. सुरक्षा बल पूरी तरह मुस्तैद हैं.


टीएमसी ने किया पलटवार, कहा- यह भाजपा का ड्रामा

टीएमसी नेता जहांगीर खान ने इन तमाम आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. उन्होंने कहा कि यह प्रदर्शन भाजपा प्रायोजित है, ताकि मतगणना से ठीक पहले टीएमसी कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करवाया जा सके. उनका मनोबल तोड़ा जा सके. उन्होंने कहा कि अगर ये आरोप साबित होते हैं, तो वह किसी भी कानूनी कार्रवाई का सामना करने को तैयार हैं.


Desk Desk · 02-05-2026 10:49 PM · 📍 World
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