दुमका/मसलिया। मसलिया प्रखंड के पश्चिमी क्षेत्र के मसानजोर, गुमरो, बास्की डीह, बड़ा डुमरिया समेत आसपास के दर्जनों गांवों में करीब 21 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। मंगलवार रात करीब 8 बजे बिजली गुल होने के बाद बुधवार तक ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बिजली आपूर्ति बाधित होने का असर ऐसे समय पड़ा, जब क्षेत्र में धार्मिक पूजा का आयोजन चल रहा था। कई घरों में पूजा के लिए मेहमान भी पहुंचे हुए थे। बिजली नहीं रहने के कारण पंखा, कूलर, फ्रिज और अन्य घरेलू उपकरण बंद रहे, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ गई।
बारिश ने बढ़ाई मुश्किल
बिजली संकट के साथ क्षेत्र में लगातार बारिश होने से स्थिति और कठिन हो गई। कई जगह सड़कों और गलियों में पानी व कीचड़ जमा हो गया। रात में बिजली नहीं रहने के कारण ग्रामीणों को मोमबत्ती और ढिबरी के सहारे समय बिताना पड़ा। मोबाइल फोन चार्ज करने में भी लोगों को परेशानी हुई और कुछ ग्रामीणों को दूसरे गांवों का रुख करना पड़ा।
तेज हवा से गिरा पेड़, बिजली लाइन क्षतिग्रस्त
बिजली विभाग के अनुसार, आश्रम मोड़ सबस्टेशन से बेदियामोड़ के बीच 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन पर तेज हवा के कारण एक पलाश का पेड़ गिर गया। पेड़ गिरने से करीब सात बिजली पोल, तार और अन्य उपकरण क्षतिग्रस्त हो गए।
इसके बाद विभागीय टीम ने मरम्मत का काम शुरू किया। क्षतिग्रस्त पोल को बदलने और टूटे तारों को जोड़ने का काम किया गया। विभाग की ओर से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने की बात कही गई।
ग्रामीणों ने जल्द स्थायी समाधान की मांग की
लगातार लंबे समय तक बिजली बाधित रहने से ग्रामीणों में नाराजगी देखी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि बारिश और तेज हवा के दौरान बिजली व्यवस्था प्रभावित होने से घरेलू कामकाज के साथ-साथ पूजा-पाठ और रोजमर्रा की गतिविधियां भी प्रभावित होती हैं। ग्रामीणों ने बिजली आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत करने और ऐसी स्थिति में जल्द बहाली के लिए प्रभावी व्यवस्था की मांग की।
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