गुमला: सरना धर्म कोड लागू करने की मांग को लेकर गुमला में आदिवासी समाज की ओर से महारैली का आयोजन किया जा रहा है। आदिवासी छात्र संघ और सरना प्रार्थना सभा जिला समिति के संयुक्त नेतृत्व में होने वाली इस रैली में जिले के अलग-अलग इलाकों से लोगों के शामिल होने की बात कही गई है।
आयोजकों का कहना है कि सरना धर्म कोड आदिवासी समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को अलग तौर पर दर्ज करने के लिए महत्वपूर्ण है। उनका तर्क है कि जनगणना में अलग धार्मिक कोड मिलने से सरना धर्म को मानने वाले लोगों की संख्या और पहचान का आधिकारिक रिकॉर्ड अधिक स्पष्ट तरीके से सामने आ सकेगा।
रैली में परिसीमन के मुद्दे को लेकर भी विरोध दर्ज कराया जाएगा। आदिवासी संगठनों का कहना है कि परिसीमन की प्रक्रिया का असर आदिवासी बहुल क्षेत्रों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर पड़ सकता है। इसी वजह से वे इस मुद्दे पर भी अपनी आपत्ति सरकार और प्रशासन तक पहुंचाना चाहते हैं।
आयोजकों के अनुसार रैली के जरिए केंद्र और राज्य सरकार के सामने आदिवासी समुदाय की मांगों को मजबूती से रखा जाएगा। कार्यक्रम में झारखंड के आदिवासी कल्याण मंत्री चमरा लिंडा के मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने की जानकारी दी गई है।
रैली के माध्यम से संगठन सरना धर्म कोड को लेकर सरकार पर आगे कार्रवाई करने का दबाव बनाने की कोशिश करेंगे। साथ ही परिसीमन से जुड़े मुद्दे पर भी आदिवासी समाज की चिंताओं को सामने रखा जाएगा।
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