रांची | रांची के सेटेलाइट चौक के पास एचईसी की जमीन पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। प्रशासन की टीम बस्ती से अतिक्रमण हटाने पहुंची थी, लेकिन स्थानीय लोगों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। लोगों ने सड़क जाम कर कार्रवाई रोकने की कोशिश की और कई लोग जेसीबी के सामने बैठ गए।
स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई, जब कुछ प्रदर्शनकारी जेसीबी पर चढ़ गए। पुलिस ने उन्हें नीचे उतारा, जिसके बाद भीड़ की ओर से पुलिस पर पथराव किए जाने की बात सामने आई। पथराव में कई पुलिसकर्मियों के घायल होने की सूचना है। इसके बाद भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियों, दोनों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, मौके से आधा दर्जन से ज्यादा लोगों को हिरासत में लिया गया था। बाद में उन्हें पीआर बॉन्ड पर छोड़ दिया गया। प्रशासन की ओर से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई जारी रखी गई।
बस्तीवासियों ने पुनर्वास की मांग उठाई
स्थानीय लोगों का कहना है कि वे इस बस्ती में करीब 60 वर्षों से रह रहे हैं। उनका आरोप है कि पहले प्रशासन की ओर से बस्ती नहीं तोड़ने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में दोबारा जेसीबी लाकर कार्रवाई शुरू कर दी गई।
बस्तीवासियों ने मांग की कि घर हटाने से पहले उनके लिए स्थायी या वैकल्पिक आवास की व्यवस्था की जाए। लोगों का कहना है कि बस्ती में बच्चे और बुजुर्ग भी रहते हैं और अचानक घर टूटने से उनके सामने रहने का संकट खड़ा हो जाएगा।
प्रशासन का क्या कहना है?
हटिया डीएसपी नीरज कुमार के अनुसार, प्रशासन की टीम शांतिपूर्ण तरीके से अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के दौरान टीम पर हमला और पथराव किया गया, जिसमें कई पुलिसकर्मी घायल हुए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का लाठीचार्ज किया।
प्रशासन के मुताबिक, जिस जमीन पर कार्रवाई की जा रही है वह एचईसी की है और जिला प्रशासन के आदेश के तहत अतिक्रमण हटाया जा रहा है। अधिकारियों ने कहा है कि एचईसी की जमीन पर अतिक्रमण की श्रेणी में आने वाले निर्माणों को आदेश के अनुसार हटाया जाएगा।
यानी रांची में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई ने उस समय तनाव का रूप ले लिया, जब दशकों से रह रहे बस्तीवासियों ने कार्रवाई का विरोध किया और पुलिस के साथ झड़प की स्थिति बन गई।
Blog



