लोहरदगा:कंपनी द्वारा जालिम ट्रकों का परिचालन बंद किए जाने के बाद प्रभावित ट्रक मालिकों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ज्ञापन सौंपकर ट्रकों के समायोजन की मांग की है। ज्ञापन में कहा गया है कि 13 सितंबर 2025 से जालिम ट्रकों का परिचालन बिना स्पष्ट कारण बताए बंद कर दिया गया, जिससे कई ट्रक मालिकों के समक्ष रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
ज्ञापन के अनुसार ट्रक मालिकों ने कई बार कंपनी प्रबंधन से संपर्क किया। कंपनी के लॉजिस्टिक हेड अभिषेक कुमार द्वारा पहले जालिम ट्रकों को सेरेंगदागा माइंस में समायोजित करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस पहल नहीं हुई है। ट्रक मालिकों का आरोप है कि बार- बार संपर्क करने के बावजूद उन्हें केवल आश्वासन ही मिला।
ट्रक मालिकों ने आरोप लगाया है कि बड़े वाहन मालिकों की गाड़ियों को प्राथमिकता दी जा रही है, जबकि कई ऐसे जालिम ट्रक मालिक हैं जिनके पास केवल एक ही वाहन है और उसी से उनके परिवार का भरण- पोषण होता है। ट्रकों के बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई, दवा, बैंक ऋण और दैनिक खर्चों का प्रबंधन कठिन हो गया है। ज्ञापन में बताया गया है कि पहले भी एक माइंस बंद होने के बाद वहां संचालित ट्रकों का अन्य माइंस में समायोजन किया गया था। इसी आधार पर जालिम ट्रकों को भी सेरेंगदागा ए और बी माइंस में समायोजित करने की मांग की गई है। ट्रक मालिकों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।
ज्ञापन की प्रतिलिपि खान सचिव, उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और लोहरदगा थाना को भी


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