रांची। झारखंड में लगातार हो रही भारी बारिश ने कई जिलों में जनजीवन प्रभावित कर दिया है। कई क्षेत्रों में नदियां उफान पर हैं और बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। तेज बहाव के कारण कई सड़कें क्षतिग्रस्त हुई हैं, जबकि कुछ पुल-पुलिया डूब गए हैं या टूट गए हैं। कई इलाकों में सैकड़ों घरों में पानी घुसने की सूचना है।
गढ़वा के रंका प्रखंड में टुकवा नदी पर बना पुल बाढ़ के दबाव में ध्वस्त हो गया। इससे चरक पथली, टिकर चोइया और सिरोई कला गांवों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ है। खूंटी के अड़की में भी एक पुल टूटने की खबर सामने आई है।
कोल्हान में सबसे ज्यादा असर
कोल्हान क्षेत्र में चाईबासा, चक्रधरपुर और जैंतगढ़ सहित कई इलाकों में घरों में पानी घुस गया है। सोनुवा में दो कच्चे मकान ढह गए। मुसाबनी क्षेत्र में शंख नदी का जलस्तर बढ़ने से कई पुल डूब गए हैं। बाकड़ा पुल के ऊपर करीब छह फीट पानी बहने की सूचना है, जिससे कई गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ है।
सरायकेला में खरकई नदी खतरे के निशान से करीब 2.03 मीटर ऊपर बह रही है। इसके चलते कुछ डैम के गेट खोले गए हैं। खापरसाई पुलिया के जलमग्न होने से यातायात भी प्रभावित हुआ है।
धनबाद-बोकारो में भी जलजमाव और भू-धंसान
धनबाद और बोकारो के कई इलाकों में जलजमाव से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। कतरास के लकड़का और कैलूडीह क्षेत्र में भू-धंसान की घटनाएं हुई हैं। मुराईडीह में एक कच्चा मकान भी ढह गया। वहीं, बोकारो में जलस्तर बढ़ने के बाद तेनुघाट डैम के कई गेट खोले गए हैं।
साहिबगंज के दियारा क्षेत्र में भी बढ़ते पानी के कारण कुछ परिवारों को अपना सामान लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा है। कई जगह धान की फसल को भी नुकसान पहुंचने की खबर है।
आज भी बारिश और वज्रपात का अलर्ट
मौसम केंद्र ने मंगलवार को रांची समेत गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला, सिमडेगा, सिंहभूम, खूंटी और चतरा में बारिश तथा वज्रपात की चेतावनी जारी की है। कुछ इलाकों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है।
प्रशासन और स्थानीय लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों तथा नदी-पुल के आसपास सावधानी बरतने की जरूरत है। लगातार बारिश के कारण स्थिति आगे भी बदल सकती है।
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