अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष का आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान में अमेरिका अब तक करीब 45.1 अरब डॉलर, यानी लगभग 4.3 लाख करोड़ रुपये खर्च कर चुका है। यह रकम नेपाल की अनुमानित सालाना GDP के लगभग बराबर बताई जा रही है।
अमेरिकी रक्षा विभाग के ताजा अनुमान में सैन्य अभियान, हथियारों और अन्य संबंधित खर्चों को शामिल किया गया है। इससे पहले अमेरिकी Congressional Budget Office यानी CBO ने 1 अगस्त तक युद्ध की लागत करीब 38 अरब डॉलर आंकी थी और कहा था कि संघर्ष जारी रहने पर हर महीने लगभग 3 अरब डॉलर तक अतिरिक्त खर्च हो सकता है।
इस खर्च में अभी सैन्य ठिकानों और कुछ बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की पूरी लागत शामिल नहीं है। ऐसे में युद्ध लंबा खिंचने पर अमेरिका का कुल आर्थिक बोझ और बढ़ सकता है।
इस संघर्ष का असर केवल अमेरिका और ईरान तक सीमित नहीं है। होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर में ऊर्जा एवं व्यापारिक आवाजाही प्रभावित होने से तेल और गैस की आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। CBO ने इससे अमेरिकी महंगाई पर भी असर पड़ने का अनुमान जताया है।
यानी ईरान के साथ संघर्ष जितना लंबा चलेगा, अमेरिका के लिए सैन्य खर्च के साथ-साथ ऊर्जा और आर्थिक दबाव भी बढ़ता जा सकता है।
Blog




