धनबाद | धनबाद जिले में बागवानी और कृषि से जुड़े कार्यों को बढ़ावा देने के लिए किसानों को सरकार की ओर से अनुदान दिया जाएगा। योजना के तहत फल, सब्जी, फूल और मसाला फसलों के साथ कृषि की आधारभूत सुविधाओं से जुड़े कुल 39 कार्यों को शामिल किया गया है। अलग-अलग गतिविधियों के लिए किसानों को 40 से 50 प्रतिशत तक सरकारी अनुदान मिलेगा, जबकि बाकी राशि लाभुक को स्वयं वहन करनी होगी।

योजना में स्ट्रॉबेरी, ड्रैगन फ्रूट, केला, टिश्यू कल्चर केला और पपीता जैसी फसलों को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया है। स्ट्रॉबेरी की खेती के लिए छह हेक्टेयर और ड्रैगन फ्रूट के लिए पांच हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। ड्रैगन फ्रूट के रखरखाव के लिए भी चार हेक्टेयर का लक्ष्य है। इन फसलों के लिए सामान्य रूप से 40 प्रतिशत अनुदान और 60 प्रतिशत किसान अंशदान का प्रावधान रखा गया है।

आम, अमरूद और अन्य फलों पर भी जोर

योजना में आम, अमरूद, नींबू, आंवला, बेल और कटहल जैसे फलों की खेती को भी शामिल किया गया है। इसके साथ ही फूलों की खेती को बढ़ावा देने के लिए गुलाब, जरबेरा, ट्यूबरोज, ग्लेडियोलस, लिली, डेजी, गुलदाउदी, चमेली और गेंदा जैसी किस्मों को योजना में जगह दी गई है। फूलों की विभिन्न श्रेणियों के लिए पांच-पांच हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

मसाला फसलों में अदरक, हल्दी और लहसुन की खेती को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए 10 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है। किसानों को मशरूम उत्पादन, वाटर हार्वेस्टिंग, नर्सरी और संरक्षित खेती से जुड़ी सुविधाओं के लिए भी सहायता मिलेगी।

7 अक्टूबर तक जमा होंगे आवेदन

योजना का लाभ लेने के इच्छुक किसान जिला उद्यान कार्यालय से निर्धारित आवेदन पत्र प्राप्त कर सकते हैं। आवेदन को मुखिया या संबंधित जनप्रतिनिधि की अनुशंसा के बाद प्रखंड उद्यान मित्र अथवा जिला उद्यान कार्यालय में 7 अक्टूबर तक जमा करना होगा।

इन किसानों को मिलेगा लाभ

योजना के लिए आवेदक के पास खेती के लिए पर्याप्त भूमि और सिंचाई की सुविधा होना जरूरी है। संबंधित फल, सब्जी या फूल की खेती करने वाले किसानों को निर्धारित किसान अंशदान की राशि लगाने के लिए भी तैयार रहना होगा।

सब्जी, मिर्च और फूलों की खेती को क्लस्टर आधारित तरीके से बढ़ावा दिया जाएगा। योजना के क्रियान्वयन में किसान समूह, महिला स्वयं सहायता समूह और अन्य सामूहिक संगठनों को शामिल किया जाएगा। लाभुकों के चयन में जेएसएलपीएस, किसान समूह, महिला स्वयं सहायता समूह और एफपीओ से जुड़े किसानों की सूची को प्राथमिकता देने का प्रावधान है।

Desk Desk · 21-09-2026 01:57 PM · 📍 Dhanbad
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