धनबाद। कोल इंडिया लिमिटेड और उसकी अनुषंगी कंपनियों में कार्यरत गैर-अधिकारी संवर्ग के कर्मचारियों के लिए राहत की खबर है। कंपनी प्रबंधन ने मकान किराया भत्ता यानी हाउस रेंट अलाउंस (HRA) की दरों में बढ़ोतरी की है। इस फैसले से कोल इंडिया की विभिन्न सहायक कंपनियों में काम करने वाले पात्र कर्मचारियों को आर्थिक लाभ मिलेगा।
शहरों की श्रेणी के अनुसार बढ़ी दरें
कोल इंडिया के आदेश के अनुसार, कर्मचारियों को मिलने वाले HRA की दरें शहरों की श्रेणी के आधार पर तय की गई हैं। नई व्यवस्था में X श्रेणी के शहरों में भत्ता मूल वेतन के 24 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत कर दिया गया है। वहीं, Y श्रेणी के शहरों में यह 16 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत और Z श्रेणी के शहरों में 8 प्रतिशत से बढ़कर 9 प्रतिशत हो गया है।
शहर की श्रेणीपुरानी दरनई दर
X श्रेणी24%/27%
Y श्रेणी16%/18%
Z श्रेणी8%/9%
महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी बनी आधार
HRA की दरों में संशोधन का आधार परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (VDA) में हुई वृद्धि है। उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, पात्र गैर-अधिकारी कर्मचारियों का VDA 1 सितंबर 2026 से बढ़कर 26.8 प्रतिशत हो गया, जो निर्धारित 25 प्रतिशत की सीमा से अधिक है। इसके बाद 11वें राष्ट्रीय कोयला वेतन समझौते (NCWA-XI) के प्रावधानों के तहत HRA की दरों में संशोधन किया गया।
झारखंड के हजारों कर्मचारियों को लाभ
इस फैसले से कोल इंडिया और उसकी अनुषंगी कंपनियों में कार्यरत दो लाख से अधिक कर्मचारियों को लाभ मिलने की संभावना है। इनमें झारखंड में कार्यरत हजारों कोयला कर्मचारी भी शामिल हैं। हालांकि, प्रत्येक कर्मचारी को मिलने वाले अतिरिक्त भत्ते की राशि उसके मूल वेतन, शहर की श्रेणी और लागू नियमों पर निर्भर करेगी।
कंपनी ने स्पष्ट किया है कि HRA की पात्रता और भुगतान से जुड़ी अन्य शर्तें पहले की तरह लागू रहेंगी।
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