नई दिल्ली। हरियाणा के कुख्यात गैंगस्टर हिमांशु भाऊ को अमेरिकी अधिकारियों ने हिरासत में लिया है। वह भारत में हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी और आपराधिक साजिश समेत कई गंभीर मामलों में वांटेड है। अधिकारियों के अनुसार, उसे अमेरिका के नेवादा राज्य में लास वेगास के आसपास अमेरिकी इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) की हिरासत में रखा गया है। उसके साथ गैंगस्टर नीरज फरीदपुरिया को भी हिरासत में लिए जाने की खबर है। भारतीय एजेंसियां उसे वापस लाने के लिए आगे की कानूनी प्रक्रिया पर काम कर रही हैं।
रोहतक के रिटौली गांव का रहने वाला है हिमांशु
हिमांशु भाऊ हरियाणा के रोहतक जिले के रिटौली गांव का रहने वाला है। उसका नाम किशोरावस्था से ही आपराधिक मामलों में सामने आने लगा था। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अप्रैल 2018 में उसके खिलाफ मारपीट और दंगे से संबंधित मामला दर्ज हुआ था। बाद में उस पर हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर अपराधों के आरोप लगे।
वर्ष 2020 में उसे हत्या के प्रयास के एक मामले में पकड़े जाने के बाद हिसार के किशोर सुधार गृह में रखा गया था। उसी वर्ष अक्टूबर में वहां से कई किशोर फरार हो गए, जिनमें हिमांशु भी शामिल था। इसके बाद वह लंबे समय तक पुलिस की पकड़ से बाहर रहा और उसका नाम संगठित अपराध के मामलों में सामने आता रहा।
हत्या और रंगदारी के कई मामलों में आरोपित
पुलिस के मुताबिक, हिमांशु के खिलाफ दिल्ली और हरियाणा में हत्या, हत्या के प्रयास, रंगदारी, धोखाधड़ी, अवैध हथियारों और आपराधिक साजिश से जुड़े मामले दर्ज हैं। जांच एजेंसियों का आरोप है कि वह विदेश में रहकर अपने सहयोगियों के माध्यम से भारत में आपराधिक गतिविधियां संचालित करता था।
पुलिस का यह भी आरोप है कि उसने कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाया और वर्ष 2022 में भारत छोड़ दिया। इसके बाद उसके विदेश में रहते हुए भी दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब में सक्रिय नेटवर्क से जुड़े होने की बात सामने आई। इन आरोपों की पुष्टि संबंधित मामलों की न्यायिक प्रक्रिया के तहत होनी है।
बर्गर किंग हत्याकांड से आया चर्चा में
जून 2024 में दिल्ली के राजौरी गार्डन स्थित बर्गर किंग आउटलेट में हुई गोलीबारी और हत्या के बाद हिमांशु भाऊ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया। जांच एजेंसियों ने इस मामले में उसके कथित नेटवर्क और सहयोगियों की भूमिका की जांच की। सोशल मीडिया पर सामने आई एक पोस्ट में भी हत्या की जिम्मेदारी लेने का दावा किया गया था।
इसके अलावा, अगस्त 2025 में यूट्यूबर एल्विश यादव के गुरुग्राम स्थित घर के बाहर हुई गोलीबारी के मामले में भी पुलिस ने हिमांशु भाऊ के कथित गिरोह से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच की। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों ने इस हमले में गिरोह के सदस्यों के निर्देश मिलने की बात कही थी। इन मामलों में आरोपों और जांच के निष्कर्षों को अलग-अलग समझना जरूरी है।
इंटरपोल ने 2023 में जारी किया था रेड नोटिस
भारतीय एजेंसियों के अनुरोध पर इंटरपोल ने अगस्त 2023 में हिमांशु भाऊ के खिलाफ रेड नोटिस जारी किया था। इसका उद्देश्य सदस्य देशों में उसकी पहचान और गिरफ्तारी की प्रक्रिया में सहयोग प्राप्त करना था। रेड नोटिस अपने आप में अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट नहीं होता, बल्कि संबंधित देश के कानून के अनुसार कार्रवाई का अनुरोध होता है।
भारत लाने के लिए आगे क्या होगा?
अमेरिका में हिरासत में लिए जाने के बाद अब भारतीय एजेंसियों के सामने उसे भारत वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की चुनौती है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों के बीच समन्वय और लागू प्रत्यर्पण या निर्वासन संबंधी नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, उसकी हिरासत को भारत में दर्ज मामलों में न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है।
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