केरेडारी/हजारीबाग: हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच बढ़ती गुटबाजी अब खुलकर सामने आ रही है। केरेडारी प्रखंड में कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सांसद तीर्थ यात्रा और लहंगा वितरण जैसे कार्यक्रमों में सिर्फ सांसद महोदय और उनके सारथी को ही शामिल किया जा रहा है। मंडल अध्यक्ष से लेकर बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं को पूरी तरह नजरअंदाज किया जा रहा है।
कार्यकर्ता पूछ रहे: क्या सिर्फ सारथी ने वोट दिया था
स्थानीय कार्यकर्ताओं का कहना है कि चुनाव के समय एनडीए के बैनर तले सभी एकजुट होते हैं, लेकिन जनहित के कार्यों में सांसद सिर्फ अपने सारथी तक सीमित हो गए हैं। पंचायत स्तर पर सांसद मद से लगभग 5 लाख के कार्य भी केवल सारथी के माध्यम से कराए जा रहे हैं, सामूहिक ग्रामीण कार्यों की अनदेखी हो रही है।
शादी कार्ड से बढ़ा विवाद
विवाद तब बढ़ा जब एक घर में शादी के मौके पर लहंगा दिलवाने की जिम्मेदारी एनडीए कार्यकर्ता को दी गई। कार्यक्रम की फोटो सांसद प्रतिनिधियों के व्हाट्सएप ग्रुप में पहुंचते ही उसी घर से दोबारा शादी का कार्ड लिया जाने लगा। इससे स्थानीय पदाधिकारियों को ठेस पहुंची और गुटबाजी और गहरा गई।
रामनवमी में भी दिखी दरार
कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पहले रामनवमी पर सांसद और विधायक मिलकर अखाड़ों में अर्थ सहयोग वितरण करते थे, लेकिन इस वर्ष दोनों ने अलग अलग कार्यक्रम किए। कार्यकर्ताओं का कहना है कि लोकसभा सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र नारायण सिंह और उनके सहयोगी महेंद्र सिंह के कारण संगठन में हेराफेरी हो रही है और पार्टी की बदनामी हो रही है। महेंद्र सिंह ने फोन के माध्यम से आगे यह भी कहा कि जागेश्वर जी से बातचीत होते के क्रम में की आप आजसू पार्टी का है तो फिर चुनाव के समय एनडीए एकता क्यों। अपने पार्टी में ही इन लोगों को अच्छा समन्वय नहीं तो फिर एनडीए तो दूर का नजर अंदाज है।
विकास कार्य प्रभावित, संगठन पर सवाल
इस विखंडन का सीधा नुकसान जनता को उठाना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर विकास कार्य रुक गए हैं और जन समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। कार्यकर्ताओं का मानना है कि केरेडारी में सिर्फ सांसद और सारथी को पूछे जाने से संगठन कमजोर हो रहा है। यही वजह है कि अभी तक कई संगठनात्मक घोषणाएं लंबित हैं।
नेतृत्व से समझौते की अपील
स्थानीय कार्यकर्ताओं ने पार्टी प्रदेश नेतृत्व से सांसद और विधायक के बीच समझौता कराने की अपील की है। उनका कहना है कि कार्यकर्ताओं की एकता ही पार्टी की असली ताकत है। हजारीबाग जैसे अहम क्षेत्र में घरेलू विवाद सुलझाकर जनहित के कार्य निर्बाध चलाना जरूरी है।


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