लोहरदगा। देश में प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया को लेकर झारखंड के आदिवासी क्षेत्रों में चिंताओं का माहौल लगातार गहराता जा रहा है। इसी मुद्दे पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं लोहरदगा लोकसभा क्षेत्र के सांसद सुखदेव भगत ने रांची में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि यदि परिसीमन के नाम पर अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित सीटों की संख्या में कमी की गई, तो यह आदिवासी समाज का राजनीतिक विस्थापन साबित होगा। सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि झारखंड जैसे आदिवासी बहुल राज्य में राजनीतिक प्रतिनिधित्व केवल चुनावी व्यवस्था का हिस्सा नहीं है, बल्कि यह आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा, जल-जंगल-जमीन और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा का सबसे मजबूत माध्यम है। ऐसे में यदि परिसीमन के दौरान जनसंख्या के आधार पर आदिवासी आरक्षित सीटों को कम करने का प्रयास किया जाता है, तो इससे आदिवासी समुदाय की राजनीतिक भागीदारी और निर्णय लेने की प्रक्रिया में उसकी प्रभावी भूमिका कमजोर हो जाएगी। उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज पहले से ही अपने अस्तित्व, पहचान और अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करता रहा है। ऐसे समय में यदि उनकी राजनीतिक हिस्सेदारी को कम किया जाता है, तो इसका दूरगामी और गंभीर प्रभाव पड़ेगा। यह केवल सीटों की संख्या घटने का मामला नहीं होगा, बल्कि आदिवासियों की आवाज को लोकतांत्रिक संस्थाओं से कमजोर करने का प्रयास माना जाएगा।आदिवासी समाज में बढ़ रही चिंता
सुखदेव भगत ने कहा कि परिसीमन को लेकर जो चर्चाएं सामने आ रही हैं, उससे आदिवासी समाज के बीच असमंजस और चिंता का माहौल बन गया ह
SUMAN SAHU SUMAN SAHU · 02-06-2026 10:18 PM · 📍 Lohardaga · Lohardaga Bureau
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