लोहरदगा: मनोकामना सिद्धि दुर्गा मंदिर का चौथा स्थापना दिवस गुरुवार को श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास के साथ धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर सुबह से ही मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। माता रानी के जयकारों और भक्ति गीतों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। दूर-दराज के क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालुओं ने माता के दरबार में माथा टेककर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और कल्याण की कामना की। स्थापना दिवस के अवसर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत नौ कन्याओं के नेतृत्व में निकाली गई भव्य कलश यात्रा से हुई। पारंपरिक वेशभूषा में सजी कन्याएं सिर पर कलश धारण कर आगे-आगे चल रही थीं, जबकि उनके पीछे बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु माता रानी के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे। कलश यात्रा मंदिर परिसर पहुंचने के बाद वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया।
पूजा-अनुष्ठान के दौरान आचार्य द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के बीच रुद्राभिषेक, दुर्गा सप्तशती पाठ तथा अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। श्रद्धालुओं ने पूरे श्रद्धा भाव से पूजा में भाग लिया और माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में घंटियों की ध्वनि, शंखनाद और मंत्रोच्चार से आध्यात्मिक वातावरण बना रहा।
दोपहर में आयोजित विशाल भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। भंडारे की व्यवस्था को लेकर समिति के सदस्यों और स्वयंसेवकों ने विशेष जिम्मेदारी निभाई। प्रसाद वितरण, पेयजल और श्रद्धालुओं के बैठने की समुचित व्यवस्था की गई थी। सेवा कार्य में जुटे श्रद्धालु पूरे समर्पण भाव से आगंतुकों की सेवा करते नजर आए। देर शाम तक प्रसाद वितरण का क्रम जारी रहा।
मंदिर परिसर को स्थापना दिवस के अवसर पर आकर्षक विद्युत सज्जा और रंग-बिरंगे फूलों से भव्य रूप दिया गया है। रात के समय रोशनी से जगमगाता मंदिर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में रात्रि में भव्य भक्ति जागरण का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम में धनबाद, बोकारो, रांची सहित स्थानीय कलाकारों द्वारा माता रानी के भजन, देवी गीत और जागरण प्रस्तुत किए जाएंगे। देर रात तक चलने वाले इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
समिति के सदस्यों ने बताया कि मंदिर स्थापना के चार वर्ष पूर्ण होने पर यह आयोजन क्षेत्रवासियों की आस्था और सहयोग का प्रतीक है। उन्होंने श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि माता रानी की कृपा और भक्तों के सहयोग से मंदिर निरंतर धार्मिक, सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनता जा रहा है।मंदिर स्थापना दिवस को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह, श्रद्धा और भक्ति का माहौल देखने को मिला।


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