बोकारो | बोकारो जिले के गोमिया प्रखंड से इस वक्त किसानों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। कंडेर पंचायत के दरहाबेड़ा गांव में जंगली हाथियों के झुंड ने खेतों में खड़ी किसानों की फसल को रौंदकर बर्बाद कर दिया।
जानकारी के मुताबिक, हाथियों ने आधा दर्जन से अधिक किसानों की धान और मकई की फसल को नुकसान पहुंचाया है। बताया जा रहा है कि हाथियों का झुंड रात के समय खेतों में पहुंचा और तैयार धान की फसल के साथ-साथ बाड़ियों में लगी मकई की फसल को भी रौंद दिया।
फसल बर्बाद होने के बाद किसानों के सामने अब आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। प्रभावित किसानों में सद्दाम अंसारी, रफीक अंसारी, इम्तियाज अंसारी, रामू मांझी, सज्जाद अंसारी और तौफीक अंसारी समेत अन्य किसान शामिल हैं। किसानों का कहना है कि उन्होंने खेती के लिए कर्ज तक लिया था। ऐसे में तैयार फसल के बर्बाद होने से परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो सकता है।
सबसे बड़ी चिंता सिर्फ फसल के नुकसान की नहीं है, बल्कि गांव में लगातार बनी हुई हाथियों की मौजूदगी को लेकर भी है।
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कई दिनों से करीब 10 से 12 जंगली हाथियों का झुंड कंडेर पंचायत के जंगलों में घूम रहा है। हाथियों के गांव और खेतों के आसपास आने से लोगों में डर का माहौल बना हुआ है।
किसान अपनी फसल की रखवाली के लिए खेतों में जाने से भी डर रहे हैं। उन्हें आशंका है कि हाथियों के सामने आने पर जान का खतरा हो सकता है।
ग्रामीणों ने वन विभाग और प्रखंड प्रशासन से तत्काल प्रभावित खेतों का निरीक्षण करने और किसानों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। इसके साथ ही हाथियों से फसलों और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने की अपील भी की गई है।
वहीं, हाथी भगाओ दल भी हाथियों की गतिविधियों पर नजर बनाए हुए है। टीम के विजय कुमार गुप्ता के अनुसार, बड़कीपुनू के जंगल में करीब 40 हाथियों का झुंड तीन हिस्सों में बंटकर अलग-अलग दिशाओं में घूम रहा है। इसके अलावा गोपो और कंडेर के जंगलों में भी कुछ हाथियों को देखा गया है।
हाथी भगाओ दल ने ग्रामीणों से विशेष सावधानी बरतने और हाथियों के झुंड के करीब नहीं जाने की अपील की है।
दरहाबेड़ा की घटना ने एक बार फिर इंसान और जंगली हाथियों के बीच बढ़ते संघर्ष की समस्या को सामने ला दिया है। एक तरफ जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा जरूरी है, तो दूसरी तरफ किसानों की मेहनत और उनकी आजीविका की रक्षा भी बड़ी चुनौती है।
अब ग्रामीणों की नजर वन विभाग और प्रशासन की कार्रवाई पर है। किसानों की मांग है कि नुकसान का जल्द आकलन किया जाए, उन्हें उचित मुआवजा मिले और भविष्य में हाथियों से फसलों को बचाने के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की जाए।
फिलहाल दरहाबेड़ा में हाथियों की मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों में दहशत बनी हुई है और प्रशासन के सामने किसानों की फसल और ग्रामीणों की सुरक्षा, दोनों को लेकर बड़ी चुनौती है।
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