रांची |झारखंड में JPC पेपर लीक मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई अहम जानकारियां सामने आ रही हैं। CID की जांच में सरकारी लैपटॉप से डेटा डिलीट किए जाने की बात सामने आई है, जिसे मामले की जांच में महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक, ख्यांगते के इस्तीफे के बाद सरकारी लैपटॉप और पेन ड्राइव उनके साथ ले जाने की जानकारी जांच में सामने आई है। इसके बाद सरकारी डिवाइस में मौजूद डेटा को लेकर CID की जांच और गहरी हो गई है।
CID अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लैपटॉप से कौन-कौन सी फाइलें या जानकारी हटाई गई थीं और डेटा डिलीट करने के पीछे क्या वजह थी। साथ ही, जांच एजेंसी यह भी खंगाल रही है कि डिलीट किए गए डेटा का JPC पेपर लीक मामले से कोई सीधा संबंध है या नहीं।
मामले में लैपटॉप और अन्य डिजिटल डिवाइस से जुड़े डेटा की फॉरेंसिक जांच को अहम माना जा रहा है। जांच के दौरान सामने आने वाले डिजिटल सबूतों से यह स्पष्ट हो सकता है कि पेपर लीक की पूरी प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका रही और सरकारी सिस्टम में मौजूद जानकारी के साथ क्या छेड़छाड़ की गई।
फिलहाल CID मामले की अलग-अलग कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर स्पष्ट हो पाएगी।
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