लखनऊ: उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पहले राज्यसभा की 10 सीटों के लिए चुनावी प्रक्रिया शुरू हो गई है। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक 16 अक्टूबर 2026 को मतदान और उसी दिन मतगणना होगी। इन सीटों पर मौजूदा सदस्यों का कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होना है।
राज्यसभा चुनाव में जनता सीधे मतदान नहीं करती, बल्कि विधानसभा के निर्वाचित विधायक वोट डालते हैं। मौजूदा विधानसभा संख्या के आधार पर बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के पास करीब 291-292 विधायकों का समर्थन बताया जा रहा है। एक सीट के लिए करीब 37 वोटों की जरूरत के हिसाब से NDA की 7 सीटों पर स्थिति मजबूत दिखाई देती है।
वहीं, 8वीं सीट के लिए अतिरिक्त वोटों की जरूरत होगी। मौजूदा गणित में NDA के पास सात उम्मीदवारों को जिताने के बाद भी कुछ वोट बचते हैं, लेकिन आठवीं सीट के लिए करीब पांच और वोटों की आवश्यकता पड़ सकती है। ऐसे में अतिरिक्त समर्थन और मतदान के दौरान सामने आने वाले समीकरण महत्वपूर्ण होंगे।
दूसरी ओर, समाजवादी पार्टी के पास 101 विधायक हैं और कांग्रेस के दो विधायक हैं। मौजूदा आंकड़ों के आधार पर SP के दो उम्मीदवारों के जीतने का गणित बनता है। इसके बाद बचने वाली सीट को लेकर मुकाबला और राजनीतिक समीकरण अहम हो सकते हैं।
इस चुनाव का एक बड़ा सवाल बहुजन समाज पार्टी के राज्यसभा प्रतिनिधित्व को लेकर भी है। BSP के मौजूदा राज्यसभा सांसद रामजी गौतम का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है, जबकि उत्तर प्रदेश विधानसभा में फिलहाल BSP का कोई विधायक नहीं है। ऐसे में मौजूदा संख्या के आधार पर पार्टी के लिए अपनी सीट बरकरार रखना चुनौतीपूर्ण है।
राज्यसभा चुनाव ऐसे समय हो रहा है जब उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। इसलिए 16 अक्टूबर का यह चुनाव राज्य की मौजूदा विधानसभा संख्या और दलों के बीच समर्थन के समीकरण को सामने रखने वाला महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम होगा।
Blog


