रांची। राजधानी के रांची और हटिया रेलवे स्टेशनों को भविष्य की बढ़ती यात्री संख्या को ध्यान में रखते हुए आधुनिक स्वरूप देने की तैयारी चल रही है। रेलवे की योजना के तहत दोनों स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं, भवन, पार्किंग और आवागमन से जुड़ी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाया जाएगा। रेलवे के अनुमान के मुताबिक, आने वाले वर्षों में दोनों स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या में लगातार वृद्धि होगी।
वर्तमान में रांची स्टेशन पर रोजाना करीब 55 से 75 हजार और हटिया स्टेशन पर लगभग 10 से 15 हजार यात्रियों की आवाजाही होती है। पांच से छह प्रतिशत वार्षिक यात्री वृद्धि के अनुमान के आधार पर 2040 तक रांची स्टेशन पर प्रतिदिन करीब 1.15 से 1.40 लाख और हटिया स्टेशन पर 34 से 45 हजार यात्रियों के पहुंचने का अनुमान है। त्योहारों के दौरान यह संख्या और अधिक बढ़ जाती है।
हटिया स्टेशन पर 355 करोड़ से होंगे बड़े बदलाव
हटिया रेलवे स्टेशन को अगले कई दशकों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए करीब 355 करोड़ रुपये की लागत से अपग्रेड किया जा रहा है। इसके लिए लगभग 21 हजार वर्गमीटर क्षेत्र में आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। स्टेशन परिसर में यात्रियों के लिए रिटेल, कैफेटेरिया और मनोरंजन जैसी सुविधाओं के साथ करीब 36 मीटर चौड़ा एयर कॉनकोर्स तैयार किया जाएगा।
नए डिजाइन के तहत स्टेशन भवन का क्षेत्रफल मौजूदा करीब चार हजार वर्गमीटर से बढ़कर लगभग 17 हजार वर्गमीटर किया जाएगा। इसके अलावा दूसरे स्टेशन भवन के लिए भी अलग स्थान विकसित किया जाएगा।
26 लिफ्ट और 18 एस्केलेटर की सुविधा
हटिया स्टेशन के नए स्वरूप में यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए छह मीटर चौड़ा फुटओवर ब्रिज, 26 लिफ्ट और 18 एस्केलेटर प्रस्तावित हैं। इसके अलावा करीब 2,100 वर्गमीटर का वेटिंग एरिया बनाया जाएगा, जिसमें एक साथ लगभग 818 यात्री बैठ सकेंगे।
पार्किंग व्यवस्था को भी बढ़ाया जाएगा। वर्तमान में जहां करीब 120 कारों की पार्किंग की सुविधा है, वहीं अपग्रेडेशन के बाद लगभग 300 कारों की पार्किंग की व्यवस्था करने की योजना है।
एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित होगा रांची स्टेशन
रांची रेलवे स्टेशन को भी आधुनिक और बड़े यात्री केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है। मुख्य स्टेशन भवन को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं के अनुरूप तैयार किया जाएगा। खबर के अनुसार मुख्य स्टेशन बिल्डिंग पर करीब 330.56 करोड़ रुपये खर्च होने हैं।
वहीं स्टेशन के दक्षिणी छोर पर नया स्टेशन भवन लगभग तैयार हो चुका है। इसमें एक साथ करीब 2,500 यात्रियों के बैठने की क्षमता बताई गई है। इससे भविष्य में यात्रियों के बढ़ते दबाव को संभालने में मदद मिलने की उम्मीद है।
आसपास के स्टेशन भी बनेंगे विकल्प
रांची स्टेशन पर बढ़ते यात्री दबाव को कम करने के लिए आसपास के रेलवे स्टेशनों को भी विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा है। टाटीसिलवे में नया स्टेशन और लंबा प्लेटफॉर्म विकसित किया गया है। इसके अलावा लोधमा, इटकी, गोविंदपुर और बालसिरिंग जैसे स्टेशनों को भी सहयोगी स्टेशन के रूप में इस्तेमाल करने की योजना है।
रेलवे के इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य बढ़ती यात्री संख्या के अनुरूप स्टेशन की क्षमता बढ़ाना, यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देना और भविष्य में रांची क्षेत्र के रेल यातायात को अधिक व्यवस्थित करना है।
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