रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने लंबे समय से संविदा पर काम कर रहे कर्मचारियों को बड़ी राहत दी है। अदालत ने स्वास्थ्य विभाग के इंजीनियरिंग सेल में कार्यरत रहे 9 संविदाकर्मियों को सेवा में बहाल करने और उनके नियमितीकरण की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत के सामने यह तथ्य रखा गया कि संबंधित कर्मचारियों ने 10 साल से अधिक समय तक लगातार सेवा दी थी। इसके बावजूद उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं और नियमितीकरण के उनके दावे को विभाग की ओर से खारिज कर दिया गया था।
हाईकोर्ट ने इस मामले में 14 अगस्त 2024 को जारी विभागीय आदेश को रद्द कर दिया। अदालत ने कहा कि लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले कर्मचारियों के मामले पर नियमों के तहत उचित तरीके से विचार किया जाना चाहिए।
कोर्ट ने विभाग को आदेश की प्रति प्राप्त होने के छह सप्ताह के भीतर इन नौ कर्मचारियों को सेवा में वापस लेने और नियमितीकरण की आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।
इसी मामले से जुड़े एक अन्य प्रकरण में झारखंड ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड में करीब 15 वर्षों से संविदा पर कार्यरत 29 चालकों को भी अदालत से राहत मिली है। कोर्ट ने उनके नियमितीकरण और संबंधित सेवा लाभों पर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
हाईकोर्ट के इस आदेश से लंबे समय से संविदा पर काम कर रहे कर्मचारियों में नियमितीकरण को लेकर उम्मीद बढ़ी है। हालांकि, प्रत्येक मामले में नियमितीकरण संबंधित सेवा नियमों और पात्रता के आधार पर ही होगा।
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