लोहरदगा: बैंक ऑफ इंडिया ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (आरसेटी), लोहरदगा द्वारा आयोजित डेयरी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आज सफलतापूर्वक समापन किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम 12 दिवसीय था, जिसमें ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं को डेयरी व्यवसाय से संबंधित आधुनिक तकनीकों एवं स्वरोजगार के अवसरों की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को पशुपालन प्रबंधन, उन्नत नस्लों की पहचान, संतुलित आहार व्यवस्था, रोग नियंत्रण एवं दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के वैज्ञानिक तरीकों की जानकारी प्रदान की गई। साथ ही, डेयरी उद्यम को एक लाभकारी व्यवसाय के रूप में स्थापित करने हेतु बैंक ऋण, सरकारी योजनाओं एवं विपणन की रणनीतियों पर भी मार्गदर्शन दिया गया।
समापन समारोह में मुख्य अतिथि बैंक ऑफ इंडिया SKVK अधिकारी निशित मानी ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए कहा कि डेयरी व्यवसाय ग्रामीण अर्थ व्यवस्था को सशक्त बनाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्राप्त ज्ञान का उपयोग कर आत्म निर्भर बनने एवं दूसरों को भी रोजगार देने के लिए प्रेरित किया।संस्थान के निदेशक सुरेश भगत ने बताया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य ग्रामीणयुवाओं को कौशल प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ना है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। कार्यक्रम में प्रशिक्षण प्राप्त।प्रतिभागियों ने कार्यक्रम के प्रति संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि इस प्रशिक्षण से उन्हें स्वरोजगार को बढ़ाने के लिए अनेकों जानकारी , अवसर प्राप्त हुए हैं।
समापन के अवसर पर विभिन्न गांव से आये 34 प्रशिक्षुओं को प्रमाण पत्र प्रदान किया गया।


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