लोहरदगा। जय श्रीराम समिति के जिला संरक्षक एवं पदाधिकारीगण शनिवार को सदर अस्पताल पहुंचे और आज इलाज के दौरान मृत हुई संतोषी कुमारी के परिजनों के प्रति गहरा शोक व्यक्त करते हुए अस्पताल प्रबंधन के समक्ष कई गंभीर सवाल उठाए। समिति के सदस्यों ने सिविल सर्जन से मुलाकात कर अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार की मांग की।
समिति के प्रतिनिधियों ने कहा कि किस्को प्रखंड के जनवल निवासी संतोषी कुमारी के शरीर में खून की कमी होने की सूचना मिलने पर जय श्रीराम समिति के सदस्य द्वारा तत्काल रक्तदान कर मानवता का परिचय दिया गया था, लेकिन इसके बावजूद उनकी जान नहीं बच सकी। समिति ने सवाल उठाया कि रक्त उपलब्ध होने के बाद भी आखिर संतोषी कुमारी की मौत का जिम्मेवार कौन है?
इसके अलावा समिति ने किस्को प्रखंड के आरेया पंचायत के बोंगा गांव निवासी संजू उरांव के मामले को भी उठाया, जो सड़क दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गया था। समिति का आरोप है कि युवक को बेहतर इलाज के लिए रिम्स भेजे जाने के दौरान समय पर ऑक्सीजन की सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी। ऐसे में उन्होंने पूछा कि आपातकालीन स्थिति में ऑक्सीजन जैसी मूलभूत सुविधा उपलब्ध नहीं होना किसकी जिम्मेदारी है?
जय श्रीराम समिति ने यह भी कहा कि आकस्मिक परिस्थितियों में चिकित्सकों की अनुपस्थिति और गंभीर मरीजों को बिना पर्याप्त उपचार के तुरंत रिम्स रेफर कर देना सदर अस्पताल की कई खामियों को उजागर करता है। समिति का कहना था कि यदि अस्पताल में आवश्यक संसाधन एवं पर्याप्त चिकित्सकीय व्यवस्था सुनिश्चित हो, तो कई मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर उपचार मिल सकता है।
समिति के पदाधिकारियों ने


Blog





