हजारीबाग: उपायुक्त श्री हेमन्त सती ने बुधवार को कालीबाड़ी मार्ग स्थित विभिन्न बीज, यूरिया एवं डीएपी बिक्री केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। शिकायतों के आलोक में की गई इस कार्रवाई में यूरिया-डीएपी की कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक बिक्री का मामला सामने आया।
360 रुपये में बेचा जा रहा 266 रुपये वाला यूरिया
खरीफ सीजन में किसानों को उर्वरक की सुगम उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त ने M/S उर्वरा, जगदम्बा ट्रेडर्स एवं पूजा ट्रेडर्स सहित कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया।
जांच में पाया गया कि सरकार द्वारा 266 रुपये प्रति बोरा* निर्धारित यूरिया 360 रुपये प्रति बोरा तक और डीएपी लगभग 1,850 रुपये प्रति बोरा पर बेची जा रही है। इसके अलावा M/S उर्वरा में अधिक दर पर बिक्री की शिकायत पर उपायुक्त ने स्पष्टीकरण मांगा और दोषी पाए जाने पर लाइसेंस रद्द करने की चेतावनी दी।
गुणवत्ता और स्टॉक की भी जांच
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने लाइसेंस, स्टॉक रजिस्टर, बिक्री पंजी, ओपनिंग स्टॉक, यूरिया बैगों की संख्या और बिक्री दर की गहन जांच की। उन्होंने पाया कि उपलब्ध यूरिया नीम-कोटेड प्रतीत नहीं हो रहा था। इस पर तत्काल नमूना लेकर प्रयोगशाला में जांच कराने का निर्देश दिया। साथ ही सभी प्रतिष्ठानों से PoS मशीन की बिक्री का विवरण भी मांगा गया।
सख्त कार्रवाई के निर्देश
उपायुक्त ने जिला कृषि पदाधिकारी को जिले के सभी गोदामों एवं खुदरा विक्रेताओं की व्यापक जांच करने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि _“किस _“किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं होगा। सरकार सब्सिडी देती है, इसलिए कालाबाजारी और मुनाफाखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने पर कठोर दंडात्मक कार्रवाई होगी।”_
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण बीज और उर्वरक मिलना अनिवार्य है।
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