रांची। झारखंड में सामने आए बड़े GST घोटाले की जांच में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने फर्जी कंपनियों और चालानों के जरिए करोड़ों रुपये के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) की हेराफेरी का खुलासा किया है। जांच के अनुसार, एक सिंडिकेट ने कागजों पर 135 शेल और फर्जी कंपनियां तैयार कीं। इन कंपनियों के नाम पर बिना किसी वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति के 5,000 करोड़ रुपये से अधिक के फर्जी चालान जारी किए गए।
ED के मुताबिक, इस नेटवर्क के जरिए 734 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी ITC तैयार किया गया। बाद में इसे कमीशन के बदले विभिन्न लाभार्थी कंपनियों को उपलब्ध कराया गया। इन कंपनियों पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी ITC का इस्तेमाल अपनी GST देनदारी कम करने और टैक्स से बचने के लिए किया।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ शेल कंपनियां आरोपियों, उनके परिवार के सदस्यों और कर्मचारियों के नाम पर बनाई गई थीं। ED ने इस मामले में पहले भी झारखंड और पश्चिम बंगाल में कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया था। दस्तावेज और डिजिटल उपकरण समेत अन्य सामग्री जब्त की गई थी।
मामले में ED ने ज्ञान चंद जायसवाल और राज जायसवाल को भी गिरफ्तार किया है। दोनों को रांची की विशेष PMLA अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। एजेंसी की जांच अभी जारी है।
Blog





