नई दिल्ली। डाकघर की बचत योजनाओं में ब्याज समायोजन की प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए डाक विभाग ने नई मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) लागू की है। इसके तहत अब ब्याज समायोजन से जुड़ी प्रविष्टियों की दो स्तरों पर जांच की जाएगी। विभाग का कहना है कि इस व्यवस्था से गलत या अनधिकृत समायोजन पर रोक लगाने के साथ जवाबदेही और आंतरिक नियंत्रण मजबूत होंगे।
नई व्यवस्था के तहत पहले जहां ब्याज समायोजन की प्रविष्टियां सिस्टम में स्वतः सत्यापित हो जाती थीं, अब दूसरे स्तर का सत्यापन अनिवार्य किया गया है। इसके साथ ही सिस्टम आधारित अतिरिक्त जांच और कार्यालयों के अधिकार क्षेत्र के अनुसार एक्सेस कंट्रोल भी लागू किए गए हैं।
यह प्रक्रिया डाकघर की विभिन्न बचत योजनाओं, जैसे डाकघर बचत खाता, PPF, सुकन्या समृद्धि खाता, NSS, MIS और SCSS में ब्याज समायोजन से संबंधित मामलों पर लागू होगी। नई व्यवस्था में जिम्मेदारियों को अलग-अलग स्तरों पर बांटकर जांच और निगरानी की प्रक्रिया को मजबूत किया गया है।
डाक विभाग ने ब्याज समायोजन से जुड़े मामलों की निगरानी के लिए अलग रिपोर्टिंग व्यवस्था भी शुरू की है। सभी डाक परिमंडलों को नई एसओपी संबंधित कार्यालयों तक पहुंचाने और आगे से ब्याज समायोजन के मामलों का निपटारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार करने के निर्देश दिए गए हैं।
Blog





