मुंबई। अभिनेत्री ऋचा चड्ढा ने फिल्म हनुमान अंश की बड़ी बॉक्स ऑफिस सफलता के बीच भारतीय सिनेमा में कंटेंट आधारित फिल्मों को लेकर अपनी राय रखी है। उन्होंने 2026 को कंटेंट-ड्रिवन सिनेमा के लिए निर्णायक साल मानने से इनकार किया। ऋचा के मुताबिक, एक या कुछ फिल्मों की सफलता को दर्शकों की पसंद में बड़े बदलाव का संकेत मानना अभी जल्दबाजी होगी।
धार्मिक फिल्मों की अपनी अलग अपील
ऋचा ने हनुमान अंश की सफलता को अलग संदर्भ में देखने की बात कही। उन्होंने कहा कि धार्मिक और पौराणिक विषयों पर बनी फिल्मों को दर्शकों से अपेक्षाकृत अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है। इसलिए इस फिल्म की सफलता को सीधे तौर पर कंटेंट आधारित सिनेमा की व्यापक सफलता से जोड़ना सही नहीं होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि भारतीय फिल्मों की तुलना हॉलीवुड की फिल्मों से करना उचित नहीं है, क्योंकि दोनों उद्योगों का बाजार और दर्शकों की पसंद अलग है।
बेहतर लेखन पर जोर
ऋचा चड्ढा का मानना है कि भारतीय फिल्म इंडस्ट्री में मजबूत कंटेंट को बढ़ावा देने के लिए सबसे जरूरी चीज बेहतर लेखन है। उन्होंने कहा कि अगर अच्छे लेखकों और बेहतर स्क्रिप्ट को पर्याप्त आर्थिक समर्थन दिया जाए, तो आने वाले समय में कंटेंट-ओरिएंटेड फिल्मों का मजबूत दौर शुरू हो सकता है।
400 करोड़ से ज्यादा कमा चुकी है ‘हनुमान अंश’
विष्णु चतुर्वेदी के निर्देशन में बनी हनुमान अंश आध्यात्मिक गुरु नीम करौली बाबा के जीवन से प्रेरित फिल्म है। करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद से कहीं बेहतर प्रदर्शन किया। फिल्म की वर्ड-ऑफ-माउथ पब्लिसिटी के कारण दर्शकों की संख्या लगातार बढ़ी और इसकी वैश्विक कमाई 400 करोड़ रुपये के पार पहुंच गई।
फिल्म की सफलता के बाद इसके सीक्वल की भी घोषणा की जा चुकी है। हालांकि, फिल्म के अगले भाग में अक्षय कुमार के शामिल होने की खबरों को निर्माताओं ने स्पष्ट रूप से खारिज किया है।
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