रांची। रांची विश्वविद्यालय में नई खेल प्रतिभाओं को तलाशने और उन्हें बेहतर प्रशिक्षण एवं सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में पहल तेज की जाएगी। मंगलवार को विश्वविद्यालय के स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड की बैठक कुलपति प्रो. सरोज शर्मा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में विश्वविद्यालय की मौजूदा खेल प्रतिभाओं के साथ-साथ ग्रामीण और दूरदराज इलाकों से नए खिलाड़ियों की पहचान करने पर विशेष जोर दिया गया।
कुलपति ने कहा कि रांची विश्वविद्यालय में लंबे समय से कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी सामने आते रहे हैं। विश्वविद्यालय का उद्देश्य ऐसी प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर पर पहचानकर उन्हें प्रशिक्षण, संसाधन और प्रतियोगिताओं में भाग लेने के अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि वे आगे राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचेगा प्रतिभा खोज अभियान
बैठक में खिलाड़ियों की तलाश को केवल विश्वविद्यालय या निर्धारित ट्रायल तक सीमित नहीं रखने पर चर्चा हुई। ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों में जाकर प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की पहचान करने की योजना पर भी विचार किया गया। ध्यानचंद अवॉर्डी सुमराय टेटे ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन में सुधार के लिए दो से तीन सप्ताह के प्रशिक्षण शिविर आयोजित करने की सलाह दी।
खिलाड़ियों और कोच का होगा बीमा
बैठक में प्रतियोगिताओं में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों और कोच के लिए बीमा योजना लागू करने पर सहमति बनी। खिलाड़ियों के लिए 500 रुपये डीए, जबकि कोच और मैनेजर के लिए 700 रुपये डीए निर्धारित करने पर भी सहमति बनी। इसके अलावा कबड्डी और खो-खो के लिए मैट खरीदने तथा खेल सुविधाओं को मजबूत करने का निर्णय लिया गया।
विश्वविद्यालय से जुड़े कॉलेजों में खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन भी अनिवार्य करने पर सहमति बनी, जिससे अधिक विद्यार्थियों को प्रतियोगी खेलों से जोड़ने की कोशिश की जा सके।
2026-27 में 12 खेलों के आयोजन की तैयारी
रांची विश्वविद्यालय ने सत्र 2026-27 के लिए 12 अंतर कॉलेज खेल प्रतियोगिताओं के आयोजन की रणनीति तैयार की है। इनमें हॉकी, फुटबॉल, क्रिकेट, वॉलीबॉल, एथलेटिक्स, कबड्डी, तीरंदाजी, वुशू, बैडमिंटन और खो-खो समेत कई खेल शामिल हैं। विश्वविद्यालय के पहले से जारी खेल कैलेंडर में अक्टूबर 2026 से जनवरी 2027 तक विभिन्न प्रतियोगिताओं का कार्यक्रम निर्धारित किया गया है।
बैठक में वॉलीबॉल और क्रिकेट की गेंदों की खरीद पर भी सहमति बनी। कबड्डी और खो-खो के लिए बेहतर खेल मैदान तथा तीरंदाजी के लिए अन्य कॉलेजों में उपयुक्त मैदान तलाशने पर भी चर्चा हुई।
विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों का प्रदर्शन
बैठक में प्रस्तुत खेल रिपोर्ट के अनुसार, 2025-26 सत्र में रांची विश्वविद्यालय की पुरुष फुटबॉल टीम ईस्ट जोन चैंपियन बनी और खेलो इंडिया के लिए क्वालीफाई किया। महिला हॉकी, तीरंदाजी और अन्य खेलों में भी विश्वविद्यालय के खिलाड़ियों ने विभिन्न स्तरों पर प्रदर्शन किया। वुशू टीम ने उपविजेता रहते हुए 5 स्वर्ण, 4 रजत और 4 कांस्य पदक हासिल किए।
विश्वविद्यालय का लक्ष्य अब इन उपलब्धियों को आगे बढ़ाते हुए प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को शुरुआती स्तर से बेहतर प्रशिक्षण और प्रतियोगी मंच उपलब्ध कराना है।
Blog





