नई दिल्ली। अमेरिका ने विदेशी कर्मचारियों को स्थायी निवास यानी ग्रीन कार्ड दिलाने की प्रक्रिया से जुड़े महत्वपूर्ण PERM (Permanent Labor Certification) कार्यक्रम में कई बड़ी IT कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई की है। अमेरिकी श्रम विभाग ने Cognizant, Infosys, Tata, Wipro, HCL और Capgemini को इस कार्यक्रम से निलंबित कर दिया है। इसके अलावा Microsoft और Adobe पर भी रोक लगाई गई है।

अमेरिकी श्रम सचिव कीथ सोंडरलिंग के अनुसार, इन कंपनियों से जुड़ी नई या लंबित Permanent Labor Certification अर्जियों पर फिलहाल कार्रवाई नहीं की जाएगी। PERM प्रक्रिया आम तौर पर उन मामलों में जरूरी होती है, जहां अमेरिकी नियोक्ता किसी विदेशी कर्मचारी को स्थायी रूप से नियुक्त करने और आगे ग्रीन कार्ड प्रक्रिया में ले जाने की कोशिश करता है।

विदेशी कर्मचारियों को लेकर बढ़ी अमेरिकी सख्ती

अमेरिकी अधिकारियों ने इस कार्रवाई को विदेशी श्रमिकों से जुड़े कार्यक्रमों में कथित धोखाधड़ी और अमेरिकी कर्मचारियों के रोजगार पर असर की जांच से जोड़ा है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी H-1B और अन्य इमिग्रेशन कार्यक्रमों के कथित दुरुपयोग पर सवाल उठाते हुए कंपनियों से अधिक संख्या में अमेरिकी कर्मचारियों को नियुक्त करने पर जोर दिया।

श्रम विभाग के मुताबिक, 2009 के बाद प्रभावित कंपनियों ने लगभग 30 लाख विदेशी कर्मचारियों के लिए स्थायी निवास से जुड़ी प्रक्रिया का अनुरोध किया है। विभाग का दावा है कि इन कंपनियों को 2.30 लाख से अधिक H-1B वीजा मंजूर हुए और एक लाख से अधिक Permanent Labor Certifications जारी किए गए।

भारतीय IT प्रोफेशनल्स पर पड़ सकता है असर

इस फैसले का असर अमेरिका में काम कर रहे भारतीय IT प्रोफेशनल्स पर भी पड़ सकता है। जिन कर्मचारियों की ग्रीन कार्ड प्रक्रिया अभी PERM आवेदन के चरण तक नहीं पहुंची है, उनके मामलों में देरी हो सकती है। खासकर उन कर्मचारियों के लिए स्थिति महत्वपूर्ण हो सकती है, जो H-1B वीजा की निर्धारित अवधि के करीब पहुंच रहे हैं।

हालांकि, यह कार्रवाई कंपनियों के खिलाफ अमेरिकी प्रशासन की जांच और आरोपों के संदर्भ में की गई है। संबंधित कंपनियों की ओर से इन आरोपों पर अलग-अलग प्रतिक्रिया आगे स्थिति को और स्पष्ट कर सकती है।


Desk Desk · 08-10-2026 10:25 PM · 📍 Ranchi
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