जमशेदपुर। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम जिले में पोटका के विधायक संजीव सरदार पर स्वर्णरेखा परियोजना से जुड़े दो इंजीनियरों के साथ मारपीट करने का आरोप लगा है। हालांकि, विधायक ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्होंने अधिकारियों को केवल फटकार लगाई थी, मारपीट नहीं की।
आरोप के अनुसार, स्वर्णरेखा परियोजना के चांडिल नहर प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता शिवराम गागराई और सहायक अभियंता विजय तिर्की सोमवार को खरकई दाईं यूजीपीएल योजना के संबंध में चर्चा करने के लिए तुरामडीह स्थित विधायक आवास पहुंचे थे। इसी दौरान योजना के शिलान्यास और उससे जुड़ी जानकारी को लेकर बहस हुई। दोनों इंजीनियरों का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर विधायक ने सहायक अभियंता को थप्पड़ मारे और बीच-बचाव करने आए कार्यपालक अभियंता के साथ भी मारपीट की।
दूसरी ओर, विधायक संजीव सरदार ने आरोपों को मनगढ़ंत बताया। उनका कहना है कि सुंदरनगर के पुड़ीहासा क्षेत्र में नहर के पास चहारदीवारी निर्माण और रास्ते को लेकर ग्रामीणों ने शिकायत की थी। इसी मामले में उन्होंने ग्रामीणों और इंजीनियरों को आमने-सामने बैठाकर स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की थी। विधायक के अनुसार, उन्होंने अधिकारियों से योजना के शिलान्यास और निर्माण कार्य को लेकर सवाल पूछे थे, लेकिन उनके साथ मारपीट नहीं की।
घटना के बाद डिप्लोमा अभियंता संघ ने आपात बैठक कर नाराजगी जताई और विधायक से माफी की मांग की। संघ ने फिलहाल एक सप्ताह तक काला बिल्ला लगाकर काम करने का निर्णय लिया है। साथ ही, आगे के आंदोलन को लेकर भी रणनीति बनाने की बात कही गई है।
फिलहाल, मामले में दोनों पक्षों के दावे अलग-अलग हैं। इंजीनियरों की ओर से लगाए गए आरोपों और विधायक के इनकार के बीच विवाद ने तूल पकड़ लिया है। मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने के लिए संबंधित पक्षों के तथ्यों और आधिकारिक कार्रवाई की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी।
Blog





