नई दिल्ली। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो की भारत यात्रा और मुंबई में विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ प्रस्तावित बैठक को लेकर राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मुलाकात के संदर्भ में केंद्र सरकार पर तंज कसते हुए सवाल उठाया कि भारतीय विदेश मंत्रालय के अधिकारियों को स्थिति स्पष्ट क्यों नहीं है। इसके बाद विदेश मंत्रालय (MEA) ने स्पष्ट किया कि भारत में विदेशी नेताओं की मेजबानी केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रही है।

20 अक्टूबर को मुंबई में होगी बैठक

विदेश मंत्रालय के अनुसार, एस. जयशंकर 20 अक्टूबर को मुंबई में अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। बातचीत में ऊर्जा सहयोग, व्यापार एवं निवेश, रक्षा, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों तथा क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। रूबियो की भारत यात्रा 17 से 22 अक्टूबर के बीच निर्धारित है।

राहुल गांधी ने क्या कहा?

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर तंज कसते हुए लिखा कि रूबियो ने अपने “कर्मचारी” को मुंबई बुलाया है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से पूछा कि विदेश मंत्रालय के अधिकारी इस मामले में भ्रमित क्यों हैं और सरकार को स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।

दरअसल, विवाद तब शुरू हुआ जब भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने रूबियो की यात्रा के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि मुंबई में भारतीय अधिकारियों के साथ बैठक होगी और जयशंकर के भी इसमें शामिल होने की उम्मीद है। इसके बाद कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि भारतीय विदेश मंत्री की बैठक की जानकारी अमेरिकी राजदूत क्यों दे रहे हैं, जबकि इसकी आधिकारिक घोषणा विदेश मंत्रालय को करनी चाहिए थी।

विदेश मंत्रालय ने क्या सफाई दी?

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पिछले एक दशक से भारत के विभिन्न शहरों में विदेशी नेताओं और प्रतिनिधिमंडलों की मेजबानी करने की परंपरा रही है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वडोदरा, अहमदाबाद और वाराणसी जैसे शहरों में विदेशी नेताओं के साथ बैठकें की हैं। इसके अलावा, गोवा में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के विदेश मंत्रियों की बैठक और अमृतसर में हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन भी आयोजित किए गए थे। मंत्रालय ने इस तरह मुंबई में बैठक आयोजित करने को असामान्य नहीं बताया।

UAE के विदेश मंत्री से भी होगी मुलाकात

जयशंकर 19 और 20 अक्टूबर को मुंबई में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के उपप्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायेद अल नाहयान की भी मेजबानी करेंगे। इन बैठकों का उद्देश्य भारत के प्रमुख अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ सहयोग को आगे बढ़ाना है।

फिलहाल, रूबियो और जयशंकर की प्रस्तावित बैठक को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। जहां कांग्रेस ने बैठक की घोषणा के तरीके पर सवाल उठाए हैं, वहीं विदेश मंत्रालय ने विभिन्न शहरों में विदेशी प्रतिनिधियों की मेजबानी की पुरानी परंपरा का हवाला दिया है। बैठक के बाद जारी होने वाले आधिकारिक बयानों से बातचीत के नतीजों की अधिक जानकारी मिल सकेगी।


Desk Desk · 16-10-2026 07:58 PM · 📍 Ranchi
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