रांची: राजधानी रांची स्थित राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की तैयारी है। संस्थान के विकास के लिए करीब 466 करोड़ रुपये की योजना बनाई गई है। इसके तहत 10 नए चिकित्सा विभाग स्थापित करने, आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराने और चिकित्सा शिक्षा का विस्तार करने की दिशा में कदम उठाए जाएंगे। यह निर्णय गुरुवार को रिम्स की 66वीं शासी परिषद की बैठक में लिया गया।
नए विभागों में मेडिकल गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, एंडोक्राइनोलॉजी, क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी एवं रूमेटोलॉजी, क्लिनिकल हेमेटोलॉजी, कार्डियक एनेस्थीसिया, न्यूरो एनेस्थीसिया, इमरजेंसी मेडिसिन, मेडिकल जेनेटिक्स, न्यूक्लियर मेडिसिन और हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन शामिल हैं। इन विभागों के शुरू होने से जटिल बीमारियों से पीड़ित मरीजों को विशेषज्ञ इलाज उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।
चिकित्सा शिक्षा और आपातकालीन सेवाओं का होगा विस्तार
रिम्स में स्नातकोत्तर (पीजी) की सीटें 176 से बढ़ाकर 256 और सुपर स्पेशियलिटी की सीटें 11 से बढ़ाकर 150 करने के लिए प्रस्ताव भेजने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए 200 से अधिक वेंटिलेटर उपलब्ध कराने और अल्ट्रासाउंड, इको व एक्स-रे जांच की सुविधाओं का विस्तार करने पर जोर दिया गया है।
अस्पताल में मरीजों की सहायता के लिए 106 नए नर्सिंग पद सृजित करने, 12 हॉस्पिटल मैनेजरों और 100 आयुष्मान मित्रों की नियुक्ति की पहल भी की जाएगी। साथ ही बर्न वार्ड विकसित करने, लिफ्ट व्यवस्था दुरुस्त करने और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार की योजना है।
रिम्स परिसर, भवनों और छात्रावासों के विकास के लिए प्रस्तावित राशि से बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का लक्ष्य है। हालांकि, इन योजनाओं का वास्तविक लाभ मरीजों को तभी मिलेगा, जब स्वीकृति, निर्माण, उपकरणों की खरीद और नियुक्तियों की प्रक्रिया समय पर पूरी होगी।
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