रामगढ़/रजरप्पा। डॉ० एस० राधाकृष्णन शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय, सुकरीगढ़ा, लारी, रामगढ़ के बहुउद्देशीय सभागार में आज आईक्यूएसी (IQAC) के तत्वावधान में आयोजित तीन दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला के प्रथम दिवस का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता के रूप में डॉ० अजीत कुमार सिंह, प्राचार्य, के० एन० बक्शी कॉलेज ऑफ एजुकेशन, गिरिडीह, झारखंड उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया। तत्पश्चात मुख्य वक्ता का स्वागत अंगवस्त्र, पौधा एवं मोमेंटो प्रदान कर किया गया। महाविद्यालय की व्याख्याता सुप्रिया बर्मन द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया, जिसमें तीन दिवसीय व्याख्यान श्रृंखला के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्रशिक्षुओं को इससे अधिकाधिक लाभ प्राप्त करने हेतु प्रेरित किया गया।
मुख्य वक्ता द्वारा “कक्षा की चुनौतियाँ एवं समाधान” विषय पर विस्तृत व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। व्याख्यान में विशेष रूप से धीमी गति से सीखने वाले विद्यार्थियों (Slow Learners) की पहचान, उनकी समस्याओं, शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में आने वाली चुनौतियों तथा उनके समाधान पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही कठिन विद्यार्थियों के प्रबंधन, शिक्षक तनाव प्रबंधन एवं समय प्रबंधन जैसे विषयों पर भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए गए। इस अवसर पर महाविद्यालय प्रबंधन समिति के सचिव डॉ० संजय प्रभाकर ने अपने संबोधन में कहा कि एक आदर्श शिक्षक बनने के लिए विषय पर गहन पकड़, व्यवहारिक ज्ञान एवं विद्यार्थियों के प्रति समर्पण की भावना का होना अत्यंत आवश्यक है। कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य, सचिव, समस्त शिक्षकगण एवं प्रशिक्षु उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन नयन कुमार मिश्रा द्वारा किया गया तथा धन्यवाद ज्ञापन महाविद्यालय की सहायक प्राध्यापिका इंदु कुमारी झा द्वारा प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम का प्रथम दिवस प्रशिक्षुओं के लिए ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं उपयोगी सिद्ध हुआ। आगामी दिनों में भी विभिन्न शैक्षणिक एवं समसामयिक विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान आयोजित किए जाएंगे।


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