दलबदल मामला में 22 सितंबर को बाबूलाल मरांडी की याचिका पर सुनवाई

रांची। भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी की ओर से दल बदल मामले में स्पीकर के न्यायाधिकरण में फैसला सुरक्षित रखने के खिलाफ दायर याचिका पर अब 22 सितंबर को झारखंड हाई कोर्ट में सुनवाई होगी. मामले में विधानसभा की ओर से कोर्ट को कहा गया बताया गया कि अभी इस मामले में विधानसभा अध्यक्ष की ओर से कोई जजमेंट नहीं हुआ है इसलिए यह याचिका सुनवाई योग्य नहीं है. वहीं प्रार्थी की ओर से कहा गया कि इस इस मामले में कुछ और तथ्य लाना चाहते हैं और अपनी याचिका में किए गए आग्रह में कुछ संशोधन भी करना चाहते हैं, इसलिए वह हस्तक्षेप याचिका मामले में दाखिल करना चाहते हैं.

कोर्ट ने प्रार्थी को मामले में हस्तक्षेप याचिका दाखिल करने की अनुमति प्रदान की और मामले की सुनवाई 22 सितंबर निर्धारित की है. मामले में हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राजेश शंकर की कोर्ट में प्रार्थी बाबूलाल की ओर से पूरक शपथ पत्र दाखिल किया गया.बताया गया कि स्पीकर के न्यायाधिकरण के आदेश की प्रति उन्हें मिल गई है, हालांकि प्रोसीडिंग अभी तक नहीं मिल पाई है. प्रार्थी की ओर वरीय अधिवक्ता वीपी सिंह और अधिवक्ता विनोद कुमार साहू ने पैरवी की. वहीं विधानसभा की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार ने पैरवी की. रिट याचिका में कहा गया है कि स्पीकर ने नियम संगत सुनवाई नहीं की है.

स्पीकर के न्यायाधिकरण में संविधान की दसवीं अनुसूची के तहत सुनवाई में भेदभाव हो रहा है. गवाही खत्म होने के बाद उन्हें पक्ष रखने का मौका नहीं दिया गया है. 30 सितंबर को सुनवाई खत्म कर ली गई है फैसला कभी भी सुनाया जा सकता है. कहा गया है कि जिस मामले में बाबूलाल प्रतिवादी हैं उसकी सुनवाई कुछ अलग तरीके से हो रही है और जिस मामले में प्रदीप यादव प्रतिवादी है उसमें अलग तरीके से सुनवाई हो रही है. वे अपने मामले में गवाही कराना बाबूलाल मरांडी वर्ष 2019 के विधानसभा चुनाव में जीते थे लेकिन उन्होंने जेवीएम का विलय भाजपा में कर दिया था. जिसे लेकर उनके खिलाफ विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष दल बदल का मामला दर्ज कराया गया था.

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