चार साल बाद हुई स्कूल टीचर शिव प्रसाद के हत्यारे की गिरफ्तारी

रांची। 7 जुलाई 2018 को रांची के गुरु नानक स्कूल के शिक्षक शिव प्रसाद की हत्या में शामिल शूटरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. पिछले चार सालों से पुलिस शिव प्रसाद के हत्याकांड की गुत्थी को सुलझा नहीं पाई थी. हत्यारों का सुराग देने के लिए पुलिस ने इश्तेहार भी जारी किए थे. यहां तक कि हत्यारों का सुराग देने वालों पर 5 लाख का इनाम भी घोषित किया गया था.

दो शूटर गिरफ्तार

रांची पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शिव प्रसाद की हत्या को अंजाम देने वाले दो अपराधियों के गिरफ्तारी की खबर की पुष्टि की है. दोनों अपराधी पुलिस के द्वारा चलाए जा रहे हैं चेकिंग अभियान के दौरान हथियार के साथ पकड़े गए थे. जब उनसे पूछताछ हुई तब उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा किया कि चार साल पहले गुरु नानक स्कूल के शिक्षक शिव प्रसाद की हत्या भी उन दोनों ने ही की थी. इसके लिए उन्हें सुपारी दी गई थी.

मास्टर माइंड की तलाश

गिरफ्तार दोनों शूटरों ने सुपारी मिलने के बाद शिव प्रसाद की हत्या की थी. पुलिस अब इस हत्याकांड के पीछे किस व्यक्ति का हाथ है वह पता लगाने की कोशिश कर रही है. मिली जानकारी के अनुसार दोनों शूटरों ने सुपारी देने वाले का नाम भी बता दिया है. पुलिस उसकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है ताकि हत्या की वजह का खुलासा हो सके.

सरेआम हुई थी हत्या

रांची के गुरु नानक स्कूल के केमिस्ट्री के टीचर शिव प्रसाद लालपुर स्थित एक कोचिंग में क्लास लेने के बाद अपने घर लौट रहे थे. इसी दौरान सरेआम लालपुर थाना क्षेत्र के डिस्टलरी पुल के पास दो अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी. आनन-फानन में शिक्षक को अस्पताल ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया था.

चार साल से हत्यारों को खोज रही थी पुलिस

साल 2018 में शिव प्रसाद हत्याकांड को अंजाम दिया गया था. उसके बाद से पिछले 4 सालों तक पुलिस हत्यारों को ढूंढने के लिए हाथ-पांव मारती रही. यहां तक कि कई बार अख़बारों में इश्तेहार भी जारी किए गए. हत्यारों के सुराग के लिए पुलिस मुख्यालय से इनाम भी घोषित किया था. एक समय तो ऐसा लगा था कि अब शिव प्रसाद की हत्या एक रहस्य बनकर ही रह जाएगी. पूरे मामले में रांची पुलिस के द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी दी जाएगी. जिसमें यह साफ हो पाएगा कि आखिर शिव प्रसाद की हत्या क्यों करवाई गई थी.

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